ट्रंप ने पाक को फटकारा, आतंकी संगठनों और आतंकियों को पनाह देना बंद करे पाक, अफगान में भारत से मांगी मदद

डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकी संगठनों और आतंकियों को अपने देश में पनाह देना बंद करना होगा।

By: kundan pandey

Updated: 22 Aug 2017, 10:28 AM IST

वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को सख्त लहजे में पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकी संगठनों और आतंकियों को अपने देश में पनाह देना बंद करना होगा। अमरीका इस मुद्दे पर लंबे समय तक शांत नहीं रह सकता है।

हमारे लोगों को मारने की कोशिशें करने वाले संगठनों को पनाह देता है पाक
पाकिस्तान को अफगानिस्तान में हमारे प्रयासों से बहुत कुछ हासिल करना है। लेकिन हम वर्तमान में हासिल करने वाली चीजों में से बहुत कुछ खो दे रहे हैं क्योंकि पाक अपराधियों और आतंकवादियों को अपने यहां सुरक्षित पनाहगाह दे रहा है। उसने उन संगठनों को अपने देश में शरण दी है, जो प्रतिदिन हमारे लोगों को मारने की कोशिशें करते हैं। पाक के ऐसे रवैये अमरीका को तनाव देते हैं। पाकिस्तान को अपने रवैये में बदलाव लाना होगा, उसे आतंकी संगठनों और आतंकियों को शरण देना बंद करना पड़ेगा।

अफगान युद्ध जीतने की रणनीति बताई
अफगानिस्तान के बारे में अपनी योजनाओं पर महीनों के विलंब और अटकलों के बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 16 साल से अफगानिस्तान में चल रहे युद्ध को जीतने की अपनी रणनीति बताई। फोर्ट मायर में सेना के जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अमरीका को पाकिस्तान से निपटने के लिए अपनाए जा रहे अपने दृष्टिकोण को बदलने की जरूरत है। आतंकी संगठनों और आतंकियों को शरण देने के मुद्दे पर हम अधिक समय तक चुप नहीं रह सकते।

पाक, अफगान में सक्रिय हैं यूएस से आतंकी घोषित 20 संगठन
पाकिस्तान को आतंकवाद के शरण स्थल के रूप में बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि, पाकिस्तान अक्सर अराजकता, हिंसा और आतंक के एजेंटों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है। ट्रम्प ने कहा कि अमरीका ने जिन 20 से अधिक संगठनों को आतंकी घोषित किया है, वे पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सक्रिय हैं। अमरीका पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा ध्यान पाकिस्तान और अफगानिस्तान पर देता है।

अफगान में भारत से मांगी मदद
राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत से अमेरिका के रिश्तों पर भी बात की। अफगानिस्तान में भारत से सहायता की मांग करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, भारत अमरीका में व्यापार के जरिए लाखों की कमाई करता है। हम चाहते हैं कि अफगानिस्तान में भारत हमारी सहायता करे, खासकर आर्थिक क्षेत्र में। पाकिस्तान के आतंक को हथियार के रूप में प्रयोग करने को लेकर ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के संबंधों पर चिंता जताते हुए कहा कि दोनों ही देश न्यूक्लियर पॉवर हैं। दोनों के बीच तनाव से युद्ध का खतरा बना हुआ है। ट्रंप ने कहा, अफगानिस्तान में हमारे प्रयासों के साथ जुड़ कर पाकिस्तान काफी कुछ हासिल कर सकता है, लेकिन आतंक को पनाह देना इसके लिए उतना ही नुकसानदेह हो सकता है।

और सैनिक भेजे जाएंगे अफगानिस्तान
अफगानिस्तान से अमरीकी सेना वापस बुलाने को लेकर ट्रंप ने कहा कि सेना को हटाना उचित नहीं होगा, उन्होंने कहा कि वह इराक की गलती नहीं दोहराना चाहते हैं। ट्रंप ने कहा, सेना हटाने से अफगानिस्तान में एक खाली जगह बन जाएगी जिसे अलकायदा और तालीबान जैसे संगठन भरने की कोशिश करेंगे। अमरीका के एक टीवी चैनल के प्राइम टाइम शो के दौरान अपने भाषण में ट्रंप ने कहा मुझे पहले लगा कि वहां से सेना हटा देनी चाहिए लेकिन जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने कहा कि यदि ऐसा किया तो तालिबान अफगानिस्तान में अमरीका समर्थित सरकार को गिरा सकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें एनएसए का सुझाव सही लगा और अब अफगानिस्तान में अमरीकी सेना के और भी सैनिक अफगानिस्तान भेजे जाएंगे। हालांकि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि कितने अमरीकी ट्रूप अफगानिस्तान भेजे जाएंगे। हालांकि रक्षा सचिव जेम्स माटिस की योजना 4000 और सैनिक अफगानिस्तान भेजने की है। अफगानिस्तान में फिलहाल 8400 अमरीकी सैनिक तैनात हैं।

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