मिसौरी: इस एकमात्र क्लिनिक पर कपल्स करा सकते हैं अबॉर्शन, अदालत ने लाइसेंस रद्द करने पर लगाई रोक

मिसौरी: इस एकमात्र क्लिनिक पर कपल्स करा सकते हैं अबॉर्शन, अदालत ने लाइसेंस रद्द करने पर लगाई रोक

Shweta Singh | Updated: 01 Jun 2019, 04:10:02 PM (IST) अमरीका

  • अमरीका में गर्भपात कानून को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा
  • मिसौरी की एक क्लिनिक का लाइसेंस रद्द करने से कोर्ट ने किया इनकार
  • शहर में एकमात्र ऐसा क्लिनिक है जहां होती है अबॉर्शन की प्रक्रिया

नई दिल्ली। गर्भापात ( abortion ) को लेकर अमरीका में जारी विवादों के बीच राज्य के मिसौरी से एक बड़ी खबर आ रही है। एक अदालत ने US के उस एकमात्र क्लिनिक के संचालन की अनुमति दी है, जहांं अबॉर्शन की प्रक्रिया की जाती है। अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया है। इसके साथ ही पिछले पचास वर्षों के अंतराल में मिसौरी अमरीका का ऐसा शहर बन गया है, जहां गर्भपात पर प्रतिबंध नहीं है।

अंतिम फैसले तक नहीं रद्द होगा लाइसेंस

सेंट लूईस (St. Louis) नाम के इस क्लिनिक का लाइसेंस रद्द होने की कगार पर था। लेकिन सुनवाई के दौरान जज माइकल स्टेल्जर ने अपने फैसले में कहा, 'क्लिनिक का लाइसेंस रद्द नहीं किया जाएगा, और यह तब तक जारी रहेगा जब तक याचिकाकर्ता के मांग पर आखिरी फैसला न किया जाए।'

Planned Parenthood

फैसले के बाद क्लिनिक मालिक की खुशी

अदालत के इस फैसले से क्लिनिक के मालिक प्लान्ड पैरंटहुड (Planned Parenthood) को आत्मविश्वास मिला है। Planned Parenthood Federation of America की प्रेसिडेंट लियाना वेन ने इस निर्णय पर खुशी जताते हुए कहा कि, 'यह पूरे शहर की महिलाओं की जीत है। लेकिन हमारी लड़ाई अब भी जारी है, जीत अभी दूर है।' उन्होंने आगे कहा, 'हमने देखा है कि यहां और देश के बाकी हिस्सों में गर्भपात से संबंधित देखभाल की कितनी खस्ता हालत है।'

People in support of Legal Abortion

हाल ही में अलबामा में गर्भपात पर लगा प्रतिबंध

लियाना ने निर्णय को सही ठहराते हुए कहा, 'मुझे पता है कि हमने लड़ाई पूरी तरह नहीं जीती है कि लेकिन यह उस दिशा में एक सही कदम है।' आपको बता दें कि अमरीका के कई इलाकों में गर्भपात पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। यही नहीं, कई ऐसे जगह भी हैं जहां हाल ही में इससे संबंधित नियम बनाए गए हैं। पिछले महीने ही अमरीकी प्रांत अलबामा की सेनेट ने गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को पारित कर दिया है। इस विधेयक के मुताबिक, गर्भपात करने वाले चिकित्सकों को 99 साल की जेल की सजा हो सकती है। राज्य के रिपब्लिकन समर्थकों ने इस विधेयक को आगे बढ़ाया, इसके तहत प्रांत में गर्भपात पर करीब-करीब पूरी तरह से प्रतिबंध लगाता है।

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Pope Francis

जब पोप फ्रांसिस ने बताया था गर्भपात को 'कॉन्ट्रेक्ट किलिंग'

वेटिकन में प्रार्थना करने जुटे लोगों को संबोधित करते हुए पोप फ्रांसिस ने गर्भपात की आलोचना करते हुए इसकी तुलना कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से की है। बीते अक्टूबर में दिए अपने बयान में उन्होंने कहा, 'गर्भावस्था में रुकावट पैदा करना किसी हत्या से कम नहीं है।' उन्होंने आगे कहा किसी इंसान से छुटकारा पाने की कोशिश करना किसी समस्या के लिए 'सुपारी पर हत्या करने वाले' का सहारा लेने जैसा है।'

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Delhi Highcourt

भारत में भी गर्भपात कानून को लेकर जारी है संघर्ष

दिल्ली हाईकोर्ट ने गर्भपात समयसीमा संबंधित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। इस याचिका में गर्भपात की समय-सीमा '20 हफ्ते से बढ़ाकर 24 या 26 हफ्ते' तक करने की मांग की गई है। कोर्ट ने सरकार से इस पर जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त के लिए निर्धारित की है। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति बृजेश सेट्ठी की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि कुछ मुद्दों पर वैज्ञानिक तरीके से विचार करने की जरूरत होती है।

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