कांग्रेस नेता जंग बहादुर ने दर्जनों नेताओं के साथ थामा बीजेपी का दामन

कांग्रेस नेता जंग बहादुर ने दर्जनों नेताओं के साथ थामा बीजेपी का दामन
Congress leader Jang Bahadur Singh

Shatrudhan Gupta | Updated: 09 Oct 2017, 09:26:58 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

अमेठी में अमित शाह की रैली से पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस को करारा झटका लगा है।

अमेठी. अमेठी में अमित शाह की रैली से पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस को करारा झटका लगा है। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव जंग बहादुर सिंह ने पद व पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। बता दें कि इलाके में उनकी पहचान एक लोकप्रिय नेता के रूप में है और गौरीगंज विधानसभा में इनकी काफी पैठ है। खासकर ठाकुर और मुस्लिम वोटर के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

सोमवार को गौरीगंज स्थित आवास पर पत्रकारों से मुखातिब होते हुए सिंह ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सरकार व प्रदेश कि योगी आदित्यनाथ की सरकार ने जिस पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच पर बेनकाब किया है। साथ कर चीन और पाकिस्तान को भारतीय सीमा से खदेड़ कर भारत का गौरव बढ़ाया है। मैं उनसे प्रभावित हंू। वहीं कांग्रेस पर उन्होंने आरोपों कि झड़ी लगा दी। उन्होंने कांग्रेस सरकार व अमेठी सांसद राहुल गांधी के ऊपर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अमेठी के सांसद हैं, लेकिन वे अमेठी के लोगों को धोखा दे रहे हैं। उनसे झूठे वादे कर रहे हैं।

उन्होंने कांग्रेस पार्टी को निशाने पर लेते हुए कहा कि गत 12 सालों में केन्द्र में सरकार होने के बाद भी कांग्रेस सांसद ने अमेठी में विकास कि दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठाया। टूटी सड़कें अमेठी कि पहचान बन गई हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने का भी आरोप लगाया। वहीं उन्होंने भाजपा कि सराहनीय कार्यों को गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस शासन काल मे बंद पड़ी योजनाओं को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी व भाजपा ने शुरू करवाने का कार्य किया है। साथ ही उन्होंने भाजपा व ईरानी के तारीफ के पुल बांधे। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद भी स्मृति ईरानी लगातार अमेठी का दौरा कर रही हैं। उन्हें अमेठी के विकास कि चिन्ता है। अब तक सैकड़ों बंद पड़ी योजनाओं को उन्होंने शुरू करवाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि अमेठी कि पहचान जिस वीवीआईपी क्षेत्र के रूप में है, उसमें अमेठी सांसद राहुल गांधी खरा नहीं उतर रहे हे। उन्होंने अमेठी कि जनता को गुमराह किया है। इन्हीं कारणों से मैंने कांग्रेस से इस्तीफा दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे अमेठी में एक भाजपा कार्यकर्ता के रूप में कार्य करेंगे और अमेठी में संगठन के साथ पार्टी को मजबूत करेंगे।

बसपा में भी रह चुके हैं सिंह

जंगबहादुर सिंह का यह नया राजनीतिक मोढ़ नहीं है। इससे पहले भी वे कई राजनीतिक दलों में रह चुके हैं। राजनीति में आने से पहले वे एक सरकारी शिक्षक थे। वहीं शिक्षक की नौकरी से इस्तीफा देकर इन्होंने वर्ष 1983 में राजनीति में कदम रखा और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़े और जीते। 1986 से 1996 तक ये ब्लॉक प्रमुख रहे। इसके बाद इन्होंने राजनीति को बढ़ाते हूए वर्ष 2003 के उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी से गौरीगंज विधानसभा के उम्मीदवार बनाये गए। वर्ष 2003 के उपचुनाव में भी इन्हें रिकॉर्ड तोड़ मतों से जीत हासिल की। आपको बताते चलें कि वर्ष 2003 में बसपा के उपजे विवाद में बसपा सुप्रीमो मायावती के इस्तीफे के बाद इन्होंने सपा कार दामन थामा, जिसमे इनको राज्यमंत्री का दर्जा मिला था।

अन्य चर्चित चेहरों ने भी ली सदस्यता

पूर्व कांग्रेस नेता जंगबहादुर सिंह के साथ अमेठी के कई चर्चित चेहरों ने भी बीजेपी का दामन थामा है। बीजेपी के नए सदस्य के रूप मे वार्ड 23 की जिला पंचायत सदस्य नेहा सिंह, अमेठी जिला पंचायत सदस्य कृष्णा देवी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख घनश्याम चौरसिया, सहकारी समिति के अध्यक्ष कृष्णा लाल तिवारी के साथ बाबूपुर प्रधान नरेन्द्र सिंह, ईटौजा प्रधान दिनेश गुप्ता के साथ करीब आधा दर्जन से अधिक प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने बीजेपी का दामन थामा।

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