स्वस्थ बच्चे-स्वस्थ अमेठी

उत्सव के रूप में आयोजित हुए स्वास्थ्य शिविर

अमेठी. जनपद के 29 प्राथमिक और दो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों-अमेठी व भादर में सोमवार को स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। शिविर में एक से पांच साल तक के बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गयी और उन्हें जरूरी दवाएं देने के साथ ही टीके भी लगाए गए। जनपद को स्वस्थ व खुशहाल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद स्मृति ज़ुबिन ईरानी के दिशा-निर्देश पर यह अनूठी पहल शुरू की है। अमेठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर का नजारा कुछ अलग ही था। शिविर को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे किसी बड़े उत्सव को मनाने के लिए यह आयोजन किया गया है। सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक चले इन शिविरों में हजारों की संख्या में लोगों ने अपने बच्चों की स्वास्थ्य जांच कराई और स्वस्थ अमेठी की कल्पना को साकार करते नजर आए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएम श्रीवास्तव का कहना है कि इससे पहले जिले में इस तरह के दो शिविर अक्टूबर और नवम्बर माह में गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए आयोजित किए जा चुके हैं। शिविर को स्थानीय लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है और लोग अब इसे उत्सव के रूप में मनाना शुरू कर दिया है। उन्होने कहा कि शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए सबसे अधिक जरूरी है कि बच्चों के सम्पूर्ण टीकाकरण के साथ ही पोषण पर सही तरीके से ध्यान दिया जाये। इसी क्रम में सोमवार को “स्वस्थ बच्चे-स्वस्थ अमेठी” थीम पर एक से पाँच साल तक के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के लिए 29 प्राथमिक और दो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर शिविर आयोजित किए गए। शिविर में बच्चों के टीकाकरण, विटामिन ए सीरप व डिवार्मिंग की खुराक के साथ ही पोषण पर काउंसिलिंग की समुचित व्यवस्था की गयी थी। शिविरों में उच्च गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण प्राप्त चिकित्सा अधिकारियों के द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गयी और उनको सेहतमंद बनाने के जरूरी टिप्स भी दिये गए। शिविर में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) का पंजीकरण भी किया गया।

अमेठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अपने चार साल के पुत्र ओम श्रीवास्तव की स्वास्थ्य जांच को लेकर पहुँचीं सरायखेमा की नीतू ने कहा कि शिविर में बच्चे का वजन लिया गया और लंबाई नापी गयी। विटामिन ए का सीरप पिलाया गया। उनका कहना था कि बच्चे को सेहतमंद बनाने के जरूरी टिप्स भी दिये गए, जो कि बच्चे के विकास में बहुत ही सहायक होंगे। इसी स्वास्थ्य केंद्र पर ढाई साल की बेटी माननी की जांच कराने पहुंची सुमन ने स्वास्थ्य विभाग की इस अनूठी पहल की तारीफ की।

संग्रामपुर ब्लॉक के चंडेरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अपने चार वर्षीय पुत्र अंश की स्वास्थ्य जांच कराने के बाद मीना देवी ने चिकित्सकों से बच्चे के उचित खान-पान के बारे में भी जानना चाहा। इस अवसर पर चिकित्सकों ने माताओं को सलाह दिया माँ का पहला पीला गाढ़ा दूध बच्चे के लिए अमृत के समान होता है, बस ख्याल यह रखना है कि जन्म के एक घंटे के भीतर ही माँ बच्चे को अपना दूध पिलाये। इसके अलावा शुरू के छ्ह माह तक माँ बच्चे को केवल अपना दूध पिलाये। बाहर का कुछ भी न खिलाये-पिलाये, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा रहता है। छ्ह माह बाद बच्चे को पूरक आहार देना शुरू करें, क्योंकि बच्चे के समुचित शारीरिक और मानसिक विकास के लिए यह बहुत जरूरी होता है।

Hariom Dwivedi
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