राजनीतिक मोहरे के रूप में न इस्तेमाल किए जाएं छात्र: स्मृति ईरानी

- केंद्रीय मंत्री व सांसद स्मृति ईरानी ने जेएनयू हिंसा पर कहा छात्रों को न बनाया जाए राजनीतिक मोहरा

- राजस्थान के कोटा में बच्चों की मौत को बताया राजस्थान सरकार की कमी

- एक दिवसीया दौरे पर स्मृति ईरानी

By: Karishma Lalwani

Updated: 06 Jan 2020, 12:26 PM IST

अमेठी. केंद्रीय मंत्री व सांसद स्मृति ईरानी (Smriti Irani) सोमवार को एक दिवसीय अमेठी दौरे पर रहीं। इस दौरान उन्होंने जेएनयू हिंसा (JNU Violence) और राजस्थान के कोटा (Children death in Kota) में हुए मामलों को लेकर अपनी राय दी। जेएनयू हिंसा पर स्मृति ने कहा कि शैक्षिक संस्थानों को राजनीति का अखाड़ा न बनाया जाए। न ही छात्रों को राजनीतिक मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इससे छात्रों के जीवन और उनकी प्रगति पर असर पड़ता है। वहीं राजस्थान के कोटा में बच्चों की मौत पर कहा कि कहीं न कहीं यह राजस्थान सरकार की कमी को दर्शाता है।

मेडिकल ऑफिसर्स नहीं उपस्थित

स्मृति ने कहा कि स्वास्थ्य की व्यवस्थाओं में जब कोई गरीब आता है, तो इस अपेक्षा के साथ आता है कि भले ही उसके पास पैसे न हों लेकिन उसे सरकारी संस्थान के माध्यम से संरक्षण और सेवा प्राप्त होगी। प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी बनती है की इस प्रकार की व्यवस्थाओं में अगर कोई चुनौती आती है तो उसे देखते हुए तत्परता से समाधान दें। राजस्थान में जब से मामला सामने आया है तब से लेकर आजतक अस्पताल के मेडिकल आफिसर्स वहां उपस्थित नहीं थे। इनके नेशनल प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड से समन किया गया था।

राजस्थान सरकार गौर कर केंद्र की पहल पर

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि जिम्मेदार लोग अपने दायित्व का निर्वाह किस प्रकार से करते हैं व दायित्व के निर्वाह में क्या चुनौतियां आती हैं, अगर इस पर संवाद नहीं किया जाएगा तो जनता को समाधान देने में निश्चित रुप से चैलेंज और चुनौती आएगी। मेरा आग्रह है राजस्थान सरकार केंद्र की तरफ से जो पहल हुई है उस पर गौर करे।

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