संस्थान की महिला डायरेक्टर ने डीएम से कहा मुझे मेरे प्रबंधक से बचाओ

"मुझे मेरे प्रबंधक से बचाओ", ये गुहार अमेठी के मुसाफिरखाना अंतर्गत एक संस्थान की महिला डायरेक्टर ने लगाई है.

By: Abhishek Gupta

Published: 18 Aug 2017, 08:22 PM IST

अमेठी. "मुझे मेरे प्रबंधक से बचाओ", ये गुहार अमेठी के मुसाफिरखाना अंतर्गत एक संस्थान की महिला डायरेक्टर ने लगाई है, जिसका आरोप है कि संस्थान के प्रबंधक को जब वो गलत काम करने से मना करती है, तो वो शारीरिक यातनाये देते हैं। यही नहीं प्रबंधक की दबंगई के आगे पुलिस भी नतमस्तक रहती है। महिला न्याय के लिये थाने से लेकर जिला अधिकारी कार्यालय तक भटक रही है।

महिला का आरोप है कि विद्यालय के प्रबन्धक भावनी प्रसाद दुबे आये दिन इनको शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहते हैं, लेकिन प्रबन्धक के रसूख के चलते महिला न्याय के लिये दर दर भटक रही है। महिला शिकायत करने जब मुसाफिरखाना थाने जाती है तो वहां उसकी सुनवाई नहीं होती है, बल्कि प्रबंधक की मेहमान नवाजी होती है।महिला मैनेजर के साथ अन्याय होते देख विद्यालय के बच्चे और स्टाफ ने उनका साथ देने चाहा, तो प्रबन्धक ने उन सभी को बाहर का रास्ता दिखा दिया।

आपको बता दें कि प्रबन्धक ने महिला के साथ कोर्ट मैरिज भी की है और कोर्ट से भी समझौता हुआ है कि जब तक महिला रहेगी संस्था उसकी ही अधीन रहेगी। खबर तो यह भी है कि विद्यालय प्रबन्धक सरकारी कर्मचारी राजस्व में अमीन पद पर मुसाफिरखाना में तैनात है। जब कोई सरकारी कर्मचारी रहता है तो किसी भी संस्थान का प्रबन्धक नहीं बन सकता है। वहीं महिला न्याय के लिये जिले के सभी आधिकरियों से गुहार लगा रही है। 

वहीं विद्यालय प्रबन्धक मामला बढ़ता देख महिला मैनेजर और उसके परिवार वालों पर आरोप लगाने से भी नहीं चूक रहे हैं। प्रबन्धक और डारेक्टर की आपसी लड़ाई के बीच में विद्यालय के बच्चों का आरोप है कि दोनों की लड़ाई से हम बच्चों के भबिष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

 जब महिला को पुलिस से न्याय नहीं मिला तो आज जिला अधिकारी कार्यालय पहुँच कर उसने न्याय की मांग के लिये शिकायती पत्र दिया। जिलाधिकारी द्वारा उसे न्याय दिलाने का आश्वसन दिया गया है।

Abhishek Gupta
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