यहां महिलाओं ने पेश की मिसाल, खुद का पैसा लगाकर घर में बनावाया शौचालय

यहां महिलाओं ने पेश की मिसाल, खुद का पैसा लगाकर घर में बनावाया शौचालय

Akansha Singh | Publish: Jun, 14 2018 02:31:20 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

सिंघपुर ब्लॉक अंतर्गत गरेड़िया डीह के गांव की महिलाओं ने किसी सरकारी सहायता न मिलने के बावजूद भी खुले में शौच ना करने की मिसाल कायम की है।

अमेठी. प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन से प्रभावित अमेठी के सिंघपुर ब्लॉक अंतर्गत गरेड़िया डीह के गांव की महिलाओं ने किसी सरकारी सहायता न मिलने के बावजूद भी खुले में शौच ना करने की मिसाल कायम की है। अमेठी के गड़रिया डीह गांव की मुस्लिम महिलायें एक हाजार से पन्द्रह सौ की लागत से झाड़ झांखड़ और बोरी लगा कर इज्जत घर तैयार कर रही हैं। महिलाओं का कहना कि स्वछता को ध्यान में रखते हुये खुले में शौच से मुक्ति मिल रही है और गन्दगी से भी बचत हो रही है जिससे अन्य लोग भी इससे सीख ले रही हैं।

अगर किसी काम को करने का दिल में जज्बा हो तो कठिनाइयां चाहे जितनी हो आपकी सामने टिक नहीं पायेंगी और आप लोग के लिये एक मिसाल के रूप में नजर आयेंगे। कुछ इसी तरह अमेठी जिला के गड़रिया डीह की मुस्लिम महिलायें लोगों के लिये मिसाल बनकर उभर रही हैं। इस गांव में गरीब तबके के लोग रहते हैं लेकिन कहने को तो भले ही गरीब हैं लेकिन जो काम कर दिखाया है उससे बड़े बड़े लोगों के लिये एक मिसाल के रूप में उभर कर आ रही है। इनके कामों को सुनेंगे तो आप भी इनके कार्यों की प्रशंसा किये बिना नहीं रह पायेंगे। आपको बता दें कि इनके गांव में स्वच्छता मिशन या फिर किसी भी सरकारी योजनाओं के लाभ आज तक नहीं मिला पाया है लेकिन कहते हैं कि अगर आपके इरादो में जान होती है तो उड़ान बड़ी आसान हो जाती है। इन महिलाओं ने अपने गांव में स्वछता को ध्यान में रखते हुये जुगाड़ से बहुत कम लागत के शौचालय तैयार कर खुले में शौच पर पाबंदी लगा रही है।

गांव की हसरत बानो का कहना है कि इस मामले मे जिला पंचायत राज अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हम मौके पर गये थे वहां पर झाल झांखड़ से शौचालय बना है और वहां अब सही से शौचालय का निर्माण कराने के लिये सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। जल्द ही वहां पर शौचालय का निर्माण कराया जायेग।

जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह का कहना है कि ये महिलायें मिशाल है उन लोगों के लिये जो आज भी खुले में शौच जाते हैं उन्हें इनसे सीख लेना चाहिये ताकि भारत देश का सपना ग्रीन इंडिया और किलिन इंडिया बनकर अन्य देशों के लिये मिशाल बने।

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