सीपी ने जारी किया आदेश, हेलमेट बिना कार्यालय में प्रवेश नहीं, अधिकारियों को निर्देश का पालन कराने को कहा
वाहन चालकों के हेलमेट पहनने की अनिवार्यता होने के बावजूद अहमदाबाद शहर में नियम की पालना नहीं होने पर गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व शहर पुलिस को लताड लगाई थी। इसके बाद शहर पुलिस आयुक्त हरकत में आए हैं।
शहर पुलिस आयुक्त जी एस मलिक ने शुक्रवार को आधिकारिक निर्देश जारी करते हुए सभी पुलिस कर्मचारियों, अधिकारियों और सिविल स्टाफ को निर्देश दिया है कि वे दुपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें। यह हेलमेट भारतीय मानक ब्यूरो के मापदंड के अनुरूप हो। हेलमेट न पहनने वाले पुलिस कर्मचारी और सिविल स्टाफ पर योग्य कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
पुलिस आयुक्त की ओर से जारी निर्देश में कहा है कि मोटर व्हीकल एक्ट-1988 की धारा 129 के तहत दुपहिया वाहन चालक को वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य है। इस नियम का पालन सबसे पहले पुलिस को करना जरूरी है। तभी अन्य लोगों से नियम की पालना कराने के बारे में कहना बेहतर होगा।
सीपी ने शुक्रवार को जारी निर्देश में कहा है कि हर थाना, शाखा कार्यालय, यूनिट व संबंधित कार्यालयों में कार्यरत पुलिस कर्मचारी, सिविल स्टाफ वर्दी में हो या सादा कपड़ों में हो, उन्हें दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य है। उनके ऊपरी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उनका अधीनस्थ स्टाफ हेलमेट पहनकर कार्यालय आए। पुलिस आयुक्त कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी भी हेलमेट पहनें। पुलिस मुख्यालय के उपायुक्त को प्रवेश व निकास द्वार पर अतिरिक्त पुलिस कर्मचारियों की तैनाती करके हेलमेट की चेकिंग करने को कहा है। जो कर्मचारी हेलमेट पहने बिना कार्यालय आए उसे कार्यालय में प्रवेश नहीं देने का निर्देश दिया है। इसी प्रकार से थानों में और अन्य कार्यालयों में भी उसे प्रवेश न दिया जाए। निर्देश की अनदेखी करने पर उचित दंडनात्मक कार्यवाही की जाए उसकी सूचना सीपी कार्यालय को दी जाए। सुपरवाइजरी अधिकारी नियमों की पालना के लिए जिम्मेदार होंगे।
एनसीआरबी के रोड एक्सीडेंट के आंकड़े बताते हैं कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौत में 45 फीसदी मौतें दुपहिया वाहन चालक व सवार की होती हैं। इसमें ज्यादातर में हेलमेट न पहनना मुख्य वजह होती है। 2022 में देश में 446768 रोड एक्सीडेंट हुए थे, जिसमें से 171100 लोगों की मौत हुई। इसमें 77876 मौत दुपहिया वाहन चालकों की थी, यानि 45.51 फीसदी दुपहिया वाहन चालक थे। गुजरात की बात करें तो 2022 में 15777 हादसों में 7634 लोगों की मौत हुई थी। इसमें से 3754 यानि 49.17 फीसदी दुपहिया वाहन चालकों की मौत हुई थी, जिसमें मुख्य कारण हेलमेट न पहनना था।
2020-1185-340
2021-1433-403
2022-1711-488
(स्त्रोत: एनसीआरबी रिपोर्ट)