Monsoon Preparations : मानसून के मद्देनजर अजमेर जिला प्रशासन के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने शनिवार को आनासागर झील के दो चैनल गेट खोल दिए। इसके बाद हजारों गैलन पानी उफना है।
Monsoon Preparations : अजमेर जिला प्रशासन के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने शनिवार को आनासागर झील के दो चैनल गेट खोल दिए। इसके साथ ही हजारों गैलन पानी एकसाथ उफन पड़ा। पानी काला बाग-सुभाष उद्यान की मुख्य सड़क से होकर एस्केप चैनल से निकला। जिला प्रशासन झील का करीब 3 फीट पानी कम करेगा। मानसून में बारिश की स्थिति को देखते हुए आनासागर झील के जलस्तर को कम करने का फैसला किया गया है।
जिला कलक्टर लोकबंधु के निर्देश पर दो चैनल गेट खोले गए। इनसे करीब 3 फीट पानी निकाला जाएगा, ताकि आगामी बारिश के पानी की आवक के लिए इसमें पर्याप्त जगह रहे। इस दौरान अधीक्षण अभियंता ओंकार बेरवाल, अधिशासी अभियंता विवेक, सहायक अभियंता रामधन चौधरी, कनिष्ठ अभियंता पूजा साहू आदि मौजूद रहे।
आनासागर झील के दो चैनल गेट को 4-4 इंच तक खोला गया है। प्रतिदिन 3.12 एमसीएफटी पानी झील से निकाला जाएगा। झील का पानी आनासागर एस्केप चैनल से तोपदड़ा, खानपुरा, तबीजी-दौराई, पीसांगन होते हुए गोविंदगढ़ बांध में जाता है। यहां से नागौर, पाली, जालौर-सिरोही होता हुआ कच्छ के रण तक जाता है।
बीते साल झमाझम बरसात के चलते गौरव पथ, पुष्कर रोड, हाथीभाटा-सूचना केंद्र, ब्रह्मपुरी क्षेत्र की कॉलोनियों में पानी भर गया था। ऐसे में प्रशासन ने आनासागर झील के जलस्तर को कम करने का फैसला किया है।
जल संसाधन विभाग आनासागर के चैनल गेट भी बदलेगा। इसके लिए जिला कलक्टर और नगर निगम को 99.65 लाख रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है। मोटराइज्ड सिस्टम से चैनल गेट को ऑपरेट किया जाएगा।
02 : चैनल गेट खोले गए हैं झील के।
03 : फीट पानी की करेंगे निकासी।
13 : फीट पानी है अभी झील में।
4-4 : इंच तक खोले गए हैं चैनल गेट।
3.12 : एमसीएफटी पानी की प्रतिदिन निकासी।