मांडल की कंचन फैक्ट्री में कार्य के दौरान श्रमिक डालचंद रेगर (54) की मौत के बाद परिजनों और श्रमिकों ने मुआवजे की मांग को लेकर शनिवार देर रात तक हंगामा व प्रदर्शन किया। फैक्ट्री गेट पर धरना चला। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में साढ़े 9 लाख रुपए मुआवजे पर सहमति बनने के बाद मामला शांत हुआ।
मांडल (भीलवाड़ा): भीलवाड़ा मार्ग पर ओवरब्रिज के निकट स्थित कंचन फैक्ट्री में शनिवार दोपहर कार्य के दौरान श्रमिक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मौत के बाद भड़के परिजनों और साथी श्रमिकों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया। शनिवार देर रात तक बड़ी संख्या में श्रमिक-परिजनों ने फैक्ट्री के बाहर प्रदर्शन किया। इससे माहौल गरमाया गया और फैक्ट्री छावनी में तब्दील हो गई।
बता दें कि देर रात साढ़े नौ लाख रुपए के मुआवजे पर सहमति बनने के बाद लोग शांत हुए। मृतक का रविवार को पोस्टमॉर्टम किया गया। पुलिस के अनुसार, भीलवाड़ा पुलिस लाइन निवासी डालचंद रेगर (54) कंचन फैक्ट्री में ग्रेडर के पद पर कार्यरत था।
दोपहर में फैक्ट्री में काम करने के दौरान तबीयत बिगड़ गई। फैक्टरी प्रबंधन और साथी कर्मचारी तुरंत मांडल अस्पताल लेकर पहुंचे।
यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया और शव को मोर्चरी में रखवाया। श्रमिक की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में साथी श्रमिक और समाज के लोग चिकित्सालय परिसर में जमा हो गए और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
उन्होंने मुआवजा नहीं देने तक पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। मुआवजे पर बात नहीं बनने पर रात में बड़ी संख्या में श्रमिक और समाजजन फैक्ट्री के बाहर पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे, इससे माहौल गरमा गया।
अस्पताल में बात नहीं बनने पर गुस्साए श्रमिक और परिजन देर रात प्रोसेस हाउस के मुख्य गेट पर एकत्र हो गए और धरने पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आईपीएस आयुष श्रोत्रिय और पुलिस उपाधीक्षक राहुल जोशी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से समझाइश का प्रयास किया।
गतिरोध तोड़ने पर पुलिस अधिकारी जुटे रहे। इस दौरान फैक्ट्री प्रबंधन के साथ वार्ता का दौर चला। देर रात साढ़े नौ लाख रुपए के मुआवजे पर सहमति बनने के बाद लोग शांत हुए।
मृतक डालचंद के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा। मृतक तीन भाई थे, जिनमें से दो का पूर्व में निधन हो गया। वृद्ध पिता दल्लाराम, माता सोहनी देवी, मृतक की भाभी व उनका परिवार, पत्नी, तीन पुत्रियां व पुत्र समेत पूरे संयुक्त परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी डालचंद पर थी। घटना के बाद से घर में कोहराम मच गया।