भोपाल

एमपी के इस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्टी निरस्त, 1 महीने तक नहीं मिलेगा अवकाश

Water Crisis: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल प्रदाय से जुड़े सभी संबंधित अधिकारियों को दिये सख्त निर्देश, जल प्रदाय व्यवस्था से जुड़े समस्त अमले के अवकाश पर 1 महीने तक के लिए प्रतिबंध।

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May 24, 2026
CM MOHAN YADAV (SOURCE- CM MOHAN YADAV FACEBOOK PAGE)

Water Supply: मध्यप्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पेयजल की समस्या गहराती जा रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए सीएम मोहन यादव ने पेयजल व्यवस्था से जुड़े सभी विभागों को पेयजल संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण और प्रतिदिन मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिये हैं। इस क्रम में नगरीय निकाय, पंचायत, पीएचई, जल निगम आदि विभागों के पेयजल व्यवस्था से जुड़े समस्त अमले की छुट्टियां निरस्त करते हुए एक महीने तक अवकाश लेने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही अवकाश स्वीकृत होंगे।

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मुख्य सचिव ने ली कलेक्टर्स की बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने रविवार को कलेक्टर्स एवं नगरीय निकाय, पंचायत, पीएचई और नगर निगम के अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा है कि वे सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाएं और पेयजल उपलब्धता के लिए अधिकारियों की समिति बनाकर प्रतिदिन समीक्षा करें। यह सुनिश्चित करें कि टैंकर से पेयजल आवश्यकता वाले क्षेत्रों में वितरित हो और किसी भी तरह की अनियमितता नहीं हो। उन्होंने टैंकर के दुरूपयोग पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश भी कलेक्टर्स को दिये। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि वे जनप्रतिनिधियों से संवाद और समन्वय रखकर पेयजल की कमी वाले क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

पेयजल उपलब्धता के लिए युद्ध स्तर पर हो काम- मुख्य सचिव

मुख्य सचिव बैठक के दौरान कलेक्टरों से कहा कि पेयजल उपलब्धता के लिये युद्ध स्तर पर काम करें। शहरी क्षेत्र की पानी की टंकियों को भरने में समानता रखें और अन्य विभागों के साथ ही ऊर्जा विभाग को भी इस पूरे प्लान में शामिल रखें। उन्होंने निर्देश दिये कि कोई भी नलजल योजना का विद्युत कनेक्शन न कटे। मुख्य सचिव ने ये भी बताया कि राज्य शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में वोरवेल आदि के खनन के लिए 1500 करोड़ रूपये की राशि जारी की है। इसके साथ ही पंचायतों को संधारण कार्य के लिए 55 करोड़ रूपये की अतिरिक्त राशि भी दी गई है, जिससे पेयजल उपलब्धता में कोई असुविधा नहीं हो। बैठक में नगरीय विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पीएचई, ऊर्जा और सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

कलेक्टर रोजाना करें मॉनिटरिंग- सीएस

मुख्य सचिव श्री जैन कहा कि कंट्रोल रूम को स्वयं कलेक्टर लीड करें और जनप्रतिनिधियों आदि से प्राप्त होने वाली शिकायतों के अलावा लोक सेवा गारंटी तथा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का न्यूनतम समय अवधि में निराकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ बेहतर संवाद रखें एवं पेयजल उपलब्धता तथा शिकायतों के निराकरण का प्रचार-प्रसार भी करें। उन्होंने कहा कि आगामी एक माह के लिए प्लान बनाकर रोज सख्ती से मॉनिटरिंग की जाए। पेयजल प्रदाय कार्य में लगे सभी विभागों के अमले के अवकाश पर तत्काल प्रतिबंध लगाएं और अपरिहार्य होने पर ही अवकाश स्वीकृत किया जाए।

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Published on:
24 May 2026 10:26 pm
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