लोकसभा चुनाव से पहले सट्टा माफियाओं का सट्टा कारोबार का खेल हुआ शुरू, किराए के मकान में ऐसे खेला जा रहा सट्टा
फर्रुखाबाद. यूपी में लोकसभा चुनाव से पहले ही सटोरिये खुले आम सट्टा कारोबार का खेल शुरू हो गया हैं। फर्रुखाबाद जिले में दिनदहाड़े खुलेआम सट्टा माफियाओं (Satta King) द्वारा लोगों को सट्टा खिलवाया जा रहा है। यहां खुलेआम सट्टे का धंधा खूब फल फूल रहा है और सट्टा खेलने वाले लोगों की भी खूब भीड़ लगी हुई दिखाई देती हैं और इसकी पुलिस प्रशासन को भनक तक नहीं लगती हैं। जिससे सट्टा कारोबार दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा हैं।
किराए के मकान में खेला जा रहा सट्टा
सट्टा माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्हें पुलिस का भी कोई डर नहीं हैं और जुआरियों को सट्टा खिलवाते हैं। ऐसा ही एक मामला फर्रुखाबाद जिले से सामने आया है जहां सट्टा किंग (Satta King) यान? satta ta King Desawar द्वारा बकायदा किराए के एक कमरे में लिखा पढ़ी करके पुलिस से बचकर सट्टा लिखाया जा रहा है और एक दर्जन से अधिक लोग भी सट्टा खेलने के लिए मौजूद हैं। जिसका Satta King Video (वीडियों) भी वायरल हुआ हैं।
जब इस वीडियों के बारे में पुलिस से बात की गई तो उनका कहना है कि सट्टा करोबार चलने के वीडियों के बारे में जांच की जा रही है जैसे ही कोई जानकारी मिलती है उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि जब पुलिस छापेमारी कर सट्टा खेलने वालों को पकड़ लाती है लेकिन जो लोग सट्टा खिलवाते हैं उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती हैं लेकिन पुलिस को सट्टा खेलने वालों के साथ-साथ सट्टा माफियाओं पर भी कार्रवाई करने की जरूरत है।
पैसा कमाने की जुगत में लगे सट्टा माफिया
ऐसे में लोकसभा चुनाव भी नजदीक आ रहा है और कुछ लोगों का मानना है कि लोकसभा चुनाव को लेकर सट्टा माफियाओं द्वारा सट्टा कारोबार (Satta Karobar) भी फिर से शुरू होने लगे हैं। क्योंकि इस समय चुनावी माहौल चल रहा हैं और राजनैतिक पार्टियों की हार जीत को लेकर भी सट्टा लगाने की उम्मीद जताई जा रही हैं। इससे सट्टा माफिया भी खूब पैसा कमाने की जुगत में लगे हुए हैं।
पुलिस आंखे बंद करके जनता की सुरक्षा के दावे
जिले में लगातार सट्टा कारोबार चलने से भी कई वारदातों को भी अंजाम दे दिया जाता है। जो लोग सट्टा हार जाते है उन्हीं में से कुछ लोग वारदातों को अंजाम दे देते हैं। जिससे बढ़ती वारदतों के कारण लोग अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं लेकिन इन सब आपराधिक मामलों से जनपद की पुलिस आंखे बंद कर जनता की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रही है। अब देखना यह होगा कि लोकसभा चुनाव में क्या होता और पुलिस क्या कार्रवाई करती हैं।