
BJP disciplinary action: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने की अपील की थी। इस बीच राजनीतिक नियुक्तियों की खुशी में कई नेताओं ने पीएम मोदी की अपील को ही दरकिनार कर दिया। वे एक नहीं 100 से अधिक कारों के काफिले में शक्ति प्रदर्शन करने निकल पड़े। ग्वालियर से लेकर भिंड तक रैली निकली थी। पत्रिका समाचार पत्र ने जब इस बात को प्रमुखता से उठाया तो बड़ा एक्शन हो गया। भिंड जिले के किसान मोर्चा अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव की बुधवार को नियुक्ति हुई, लेकिन जब सुबह नींद से जागे तो उनका पद छीन लिया गया।
भिंड के भाजपा नेता सज्जन सिंह यादव को किसान मोर्चा का जिला अध्यक्ष बनाया गया था। 13 मई को इसकी खुशी में सैकड़ों वाहनों के काफिले में नेताजी ने रैली निकाली। पत्रिका समाचार पत्र में छपी खबर पर भाजपा ने संज्ञान ले लिया और तत्काल सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति रद्द कर दी गई।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा की ओर से लिखे पत्र में कहा गया है कि समाचार-पत्र एवं सोशल मीडिया के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि कल दिनांक 13 मई को आपके नेतृत्व में ग्वालियर से सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ भिंड तक किसान मोर्चा की रैली का आयोजन किया गया था। आपका यह कार्यमाननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत के लिए की गई अपील की अवहेलना है। प्रदेश संगठन ने आपके इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना है। अतः प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जी के निर्देशानुसार सज्जन सिंह यादव जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा भिंड की नियुक्ति निरस्त की जाती है। उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी की अपील के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने काफिले के वाहनों की संख्या घटा दी है, वहीं विश्वास सारंग समेत अन्य मंत्री भी अपने बेड़े में वाहनों की संख्या कम कर रहे हैं। कई नेता ई-रिक्शा, पब्लिट ट्रांसपोर्ट या साइकिल से दफ्तर जाकर ऊर्जा बचाने का संदेश दे रहे हैं।
बुधवार को भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष बनने पर सज्जन सिंह यादव के स्वागत में ग्वालियर से भिंड तक 100 से अधिक कारों का लंबा काफिला निकाला गया था। इस दौरान बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल केवल राजनीतिक ताकत दिखाने में खर्च हुआ। आर्थिक चुनौतियों और बढ़ती महंगाई के बीच निकले इस काफिले को लेकर लोगों में दिनभर चर्चा रही।
ग्वालियर से भिंड तक सड़क पर दौड़ते वाहनों के लंबे काफिले ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया कि क्या ईंधन बचाने की जिम्मेदारी केवल आम जनता की है। लोगों का कहना है कि जब देश आर्थिक दबाव और ऊर्जा बचत की चुनौतियों से गुजर रहा है, तब राजनीतिक आयोजनों में ऐसे शक्ति प्रदर्शन पर भी नियंत्रण को लेकर स्पष्ट नीति बननी चाहिए। बुधवार को भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष बनने पर सज्जन सिंह यादव के स्वागत में ग्वालियर से भिंड तक 100 से अधिक कारों का काफिला निकाला गया।