नगर अध्यक्ष के रूप में रणदिवे को हुए दो साल जत्थों के रूप में पहुंचे कार्यकर्ता, कोरोना काल में जिनकी मदद की वे भी पहुंचे मिलने
इंदौर। बगैर सूचना और बैठक के कल दीनदयाल भवन में भाजपाइयों का मजमा लगा रहा। बात यहीं तक सीमित नहीं थी, पहुंचने वालों में आम आदमी भी थे, जिनका राजनीति से कोई लेनादेना नहीं था। ये सभी नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे के कार्यकाल को दो साल पूरा होने पर मिलने पहुंचे थे।
प्रदेश भाजपा ने इंदौर सहित पूरे प्रदेश में जिला अध्यक्ष पद की कमान युवाओं के हाथ में सौंप दी थी। इंदौर में रणदिवे को काबिज हुए दो वर्ष हो गए। नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में आम जनता भी पहुंची, क्योंकि कोरोना लॉकडाउन के दौरान रणदिवे ने कई लोगों की मदद की थी, जो भावविभोर थे।
दो साल पहले कोरोना महामारी को देखते हुए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन घोषित कर रखा था। उस दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा व तत्कालीन संगठन महामंत्री सुहास भगत ने ही 9 मई को इंदौर नगर अध्यक्ष पद की कमान रणदिवे को सौंपी थी। एक तरह से पार्टी प्रयोग कर रही थी कि इंदौर जैसे बड़े शहर में युवा को जिम्मेदारी दी।
चेक किया जा रहा था कि रणदिवे भूमिका अच्छे से निभा पाते हैं या नहीं। लगातार कार्यक्रम देकर संगठन परीक्षा भी ले रहा था। गौरतलब है कि रणदिवे ने दो साल में खुद को सिद्ध करने का प्रयास भी किया। कोरोना जैसी महामारी में उन्होंने मंडलों की टीम को काम पर लगाकर नीचे तक राशन वितरण कराया तो आपदा प्रबंधन समिति में संक्रमितों के इलाज तक की व्यवस्था की।
यहां तक कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्हें दूसरी लहर में उन्होंने लाखों रुपए कीमत के जीवनरक्षक इंजेक्शन मुहैया कराए। उसका असर कल देखने को मिला। बड़ी संख्या में वे लोग भी पहुंचे, जिनकी रणदिवे ने उस दौरान मदद की थी। उन्हें जब मालूम पड़ा कि दो साल हो गए हैं तो वे खुद ब खुद पहुंच गए। दिनभर मिलने वालों का सिलसिला चलता रहा।
खड़ा किया ढांचा
रणदिवे ने अपने दो साल के कार्यकाल में कई बड़े काम किए। उसमें दीनदयाल भवन की दिशा सुधार दी गई। हाईटेक कार्यालय तैयार हो गया। पहली बार ऐसा हुआ कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा खुद चार घंटे कार्यालय पर रुके थे। उसके अलावा ज्योतिरादित्य ङ्क्षसधिया भी काफी समय रहे तो राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीए संतोष तक पहुंचे। वहीं, बूथ विस्तारक योजना में पार्टी पहली बार 1580 बूथों तक दस्तक दी तो बूथ त्रिदेव अभियान को मजबूत कर दिया। हाल ही में प्रधान का कार्यक्रम भी यादगार रहा।