Cyber Fraud Arrest:कानपुर के ट्रांसपोर्टर से 1.27 करोड़ की साइबर ठगी मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड मेराज अंसारी को मुंबई से गिरफ्तार किया। आरोपी फर्जी APK लिंक, SIM Swap और फर्जी खातों के जरिए ठगी करता था। रकम से 54 लाख का सोना खरीदने की बात भी सामने आई।
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम थाना टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.27 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मुख्य मास्टरमाइंड मेराज अंसारी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस ने उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड और एक काला बैग बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, कानपुर निवासी ट्रांसपोर्टर मोकम सिंह ने 25 अगस्त 2025 को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के मोबाइल पर पीएम किसान योजना, आरटीओ चालान और आधार अपडेट के नाम पर फर्जी APK फाइल और लिंक भेजे गए थे। लिंक डाउनलोड करते ही साइबर अपराधियों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया और SIM Swap के जरिए ऑनलाइन बैंकिंग सक्रिय कर विभिन्न खातों से 1 करोड़ 27 लाख 85 हजार 779 रुपये की ठगी कर ली।
मामले में साइबर क्राइम थाना कानपुर नगर में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इससे पहले पुलिस ने आरोपी अरशद अंसारी को गिरफ्तार किया था। उसकी पूछताछ और तकनीकी जांच में मेराज अंसारी का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी।
सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक सतीश चंद्र यादव की टीम आरोपी की तलाश में मुंबई पहुंची। महाराष्ट्र पुलिस की मदद से मेराज अंसारी को विरार वेस्ट स्थित रॉयल गार्डन कॉम्प्लेक्स के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और GST दस्तावेज तैयार कर बैंकों में फर्जी खाते खुलवाता था। उन्हीं खातों में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी।
आरोपी ने यह भी कबूल किया कि कानपुर के ट्रांसपोर्टर से ठगी गई रकम अमर तिवारी नाम के फर्जी खाते में भेजी गई थी। पुलिस के मुताबिक, उसी रकम से करीब 54 लाख रुपये का सोना MMTC-PAMP नोएडा से खरीदा गया था। पुलिस का कहना है कि गिरोह साइबर ठगी की रकम को सोना खरीदकर मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल करता था।
गिरफ्तार आरोपी मेराज अंसारी मूल रूप से मेरठ का रहने वाला है। उसके खिलाफ हरियाणा और कानपुर में साइबर ठगी के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के नेटवर्क की जांच कर रही है।