कोटा

खेती-किसानी: मानसून की ढिलाई से अटकी खरीफ की बुवाई

कोटा सम्भाग में खरीफ फसल की अधिकांश बुवाई 15 जुलाई तक हो जानी चाहिए थी, लेकिन मानसून की बेरुखी के चलते बुवाई में 15 दिन की देरी होने से उत्पादन पर असर पड़ेगा। वहीं रबी फसल की बुवाई भी देरी से होगी।

less than 1 minute read
Jul 31, 2021
खेती-किसानी: मानसून की ढिलाई से अटकी खरीफ की बुवाई

कोटा. कोटा सम्भाग में खरीफ फसल की अधिकांश बुवाई 15 जुलाई तक हो जानी चाहिए थी, लेकिन मानसून की बेरुखी के चलते बुवाई में 15 दिन की देरी होने से उत्पादन पर असर पड़ेगा। वहीं रबी फसल की बुवाई भी देरी से होगी। सम्भाग में 1 जुलाई तक लक्ष्य की 12 प्रतिशत बुवाई ही हो सकी थी, लेकिन पिछले 13 दिनों से मानसून के मेहरबान होने से हाड़ौती में 30 जुलाई तक खरीफ फसल बुवाई लक्ष्य 12 लाख 40 हजार 520 हैक्टेयर के बदले केवल 9 लाख 57 हजार 978 हैक्टेयर यानी लक्ष्य की 77 प्रतिशत ही बुवाई हो सकी है।

10-15 दिन और होगी बुवाई
संयुक्त निदेशक कृषि रामअवतार शर्मा ने बताया कि हाड़ौती सम्भाग में 77 प्रतिशत बुवाई हो चुकी है। देरी की वजह से अब किसान उड़द व तिल की बुवाई करेंगे। चाहे उत्पादन कम हो, लेकिन किसान जमीन को पड़त नहीं छोड़ते। उन्होंने बताया कि बारिश समय समय पर होती रही तो देरी से बुवाई की फसल में भी उत्पादन अच्छा मिलेगा।

कोई फसल खराबा नहीं
संयुक्त निदेशक ने बताया कि कोटा, बारां, बूंदी व झालावाड़ में कहीं भी बारिश की वजह फसल खराबे की अभी तक कोई सूचना नहीं है। खेतों में पानी भरने से बीज खराब हो जाता है तो उसे फसल खराबा नहीं मानते।

Published on:
31 Jul 2021 09:39 pm
Also Read
View All