Ambah Kolua Mahadev Mandir Morena Unique Shiva Temple Morena nagpanchami
अंबाह(मुरैना). जिले के अंबाह में एक अनोखा शिव मंदिर है. इसे कोलुआ महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है. बताया जाता है कि इस मंदिर में स्थित शिवलिंग एक किसान के हल चलाते समय भूगर्भ से प्रकट हुआ था। 400 साल पहले खेत में मिले इस शिवलिंग को मंदिर बनाकर स्थापित कर दिया गया. सावन के महीने में शिवभक्त यहां कांवड़ से गंगाजल लाकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं।
माना जाता है कि स्वयं श्रीराम ने शिवलिंग की स्थापना करके यहां पूजा की थी। तीन साल पहले कोलुआ महादेव मंदिर पर श्रीराम कथा वाचन करने आए जगदगुरु रामभद्राचार्य ने इस शिवलिंग को त्रेताकालीन बताया था। रामभद्राचार्य के अनुसार श्रीराम वनवास के दौरान चित्रकूट के लिए जाते समय इसी मार्ग से गुजरे थे। तब यहां कोल भीलों का निवास था और श्रीराम ने उनसे मुलाकात के समय ही इस शिवलिंग की स्थापना की थी।
इसीलिए गांव का नाम कोलुआ पड़ा है। आज इस शिवलिंग की वजह से ही कोलुआ गांव की पहचान है। पुरातात्विक महत्व से पहचान रखने वाले सिहोनिया से तीन किलोमीटर की दूरी पर कोलुआ गांव का यह शिवलिंग धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र है। यही कारण है कि महाशिवरात्रि पर यहां विशाल कांवड़ मेला आयोजित होता है।
यहां स्थापित शिवलिंग को चमत्कारिक कहा जाता है। सबसे अनूठी बात तो यह बताई जाती है कि मंदिर में स्थापित शिवलिंग की लंबाई अपने आप बढ़ रही है। जिलेभर में यह बात हमेशा कही—सुनी जाती है कि शुरुआत में शिवलिंग मात्र छह इंच का था, जो अब तीन फीट को हो गया है। शिवलिंग की लंबाई कैसे बढ़ रही है, यह रहस्य है। इसी कारण से क्षेत्र में यह मंदिर बहुत विख्यात है।