Jairam Ramesh: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर मोदी सरकार को घेरा है। जयराम रमेश ने अमेरिकी आयात बढ़ने से रुपये पर असर, विदेश नीति की घोषणाओं के वॉशिंगटन से आने और अमेरिकी दबाव में फैसले लेने का आरोप लगाया है।
Congress Leader Jairam Ramesh On Modi Government: कांग्रेस लगातार सरकार पर अलग-अलग मुद्दों को लेकर हमलावर है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक बार फिर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। इस बार मामला भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि भारत अगले पांच सालों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया साइट 'X' पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि आखिर भारत सरकार ने अब तक इस व्यापार समझौते को खत्म क्यों नहीं किया, जबकि कुछ दूसरे देशों ने अमेरिकी फैसलों के बाद ऐसे समझौतों से पीछे हटने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अमेरिका के सामने जरूरत से ज्यादा झुकाव दिखाया है। आपको बता दें किअमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इन दिनों भारत दौरे पर हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले एक साल में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 12 फीसदी कमजोर हुआ है। ऐसे में अगर अमेरिका से आयात और बढ़ता है तो इसका सीधा असर भारतीय मुद्रा पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने और विदेश यात्राएं घटाने की अपील करती है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका से रिकॉर्ड स्तर पर सामान खरीदने की बात कर रही है।
जयराम रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति से जुड़ी बड़ी घोषणाएं अब नई दिल्ली की बजाय वॉशिंगटन से सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्धविराम की घोषणा सबसे पहले अमेरिका की ओर से हुई थी। इसके अलावा वेनेजुएला के राष्ट्रपति के भारत दौरे की खबर भी पहले अमेरिकी विदेश मंत्री ने शेयर की।
जयराम रमेश ने विदेश मंत्री एस.जयशंकर और प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे भारत सरकार अपनी ही विदेश नीति पर बोलने से बच रही है। कांग्रेस नेता ने सवाल पूछा कि क्या भारत से जुड़े बड़े फैसलों की जानकारी अब पहले अमेरिका देगा और बाद में भारत सरकार?