India Power Demand: भीषण गर्मी के चलते देश में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। गुरुवार को बिजली खपत 270.82 गीगावाट तक पहुंच गई, जिससे पावर ग्रिड पर भारी दबाव बढ़ गया। ऊर्जा मंत्रालय ने लोगों से बिजली के विवेकपूर्ण इस्तेमाल की अपील की है, जबकि कई राज्यों से बिजली कटौती की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
India Power Demand: शभर में पड़ रही भीषण गर्मी ने बिजली व्यवस्था पर जबरदस्त दबाव बढ़ा दिया है। उत्तर भारत समेत देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ने से बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। गुरुवार को देश में बिजली की मांग 270.82 गीगावाट तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।
ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार पिछले पांच दिनों में बिजली की खपत लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। हालांकि सरकार का दावा है कि मांग के अनुसार बिजली आपूर्ति की जा रही है, लेकिन कई राज्यों से बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच बिजली की मांग सबसे ज्यादा दर्ज की जा रही है। इस दौरान एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य कूलिंग उपकरणों के ज्यादा इस्तेमाल के कारण पावर ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
दिन के समय सोलर पावर से कुछ राहत मिल रही है, लेकिन रात में सौर ऊर्जा उपलब्ध नहीं होने के कारण बिजली प्रबंधन बड़ी चुनौती बन जाता है।
| तारीख | बिजली की मांग |
|---|---|
| 18 मई | 257.37 गीगावाट |
| 19 मई | 260.45 गीगावाट |
| 20 मई | 265.44 गीगावाट |
| 21 मई | 270.82 गीगावाट |
| 22 मई | 267.5 गीगावाट |
बढ़ती मांग को देखते हुए ऊर्जा मंत्रालय ने लोगों से बिजली के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की है। मंत्रालय ने कहा है कि गैर-जरूरी बिजली उपकरणों का इस्तेमाल कम करें, ताकि पावर ग्रिड पर दबाव कम किया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार गर्मी सामान्य से ज्यादा लंबी और तीव्र है, जिससे आने वाले दिनों में बिजली की मांग और बढ़ सकती है।
31 मार्च 2026 तक भारत की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 520.5 गीगावाट पहुंच चुकी है। इसके बावजूद भीषण गर्मी के दौरान पीक डिमांड को संभालना ऊर्जा क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।