राष्ट्रीय

Explainer: ईद से पहले मुस्लिम धर्मगुरुओं ने बुलंद की आवाज, क्या गाय बनेगी राष्ट्रीय पशु ? चुप्पी साधे बैठी सरकार

Beef Export: बंगाल में गोवध पर रोक के बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग तेज कर दी है। भारत के बड़े 'बीफ निर्यातक' होने और चंदे के खेल के कारण केंद्र सरकार और गोरक्षक इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।

3 min read
May 24, 2026
'गाय को मिले राष्ट्रीय पशु का दर्जा'

Cow as National Animal : देश की राजनीति में गो रक्षा का मुद्दा हमेशा से संवेदनशील रहा है, लेकिन इस बार ईदुल जुहा ( Eid ul-Zuha) से पहले इस मामले ने एक बेहद हैरान करने वाला मोड़ ले लिया है। सर्वोच्च मुस्लिम धर्म गुरु मौलाना अरशद मदनी सहित देश भर के मुस्लिम धर्मगुरु अब खुल कर यह मांग कर रहे हैं कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए। पश्चिम बंगाल के बाद तेलंगाना से उठी यह चिंगारी अब पूरे देश में फैल रही है। दिलचस्प बात यह है कि जिन संगठनों और नेताओं को इस मांग पर सबसे ज्यादा खुश होना चाहिए था, वे पूरी तरह से खामोश हैं। गोवध को लेकर हमेशा मुखर रहने वाली केंद्र सरकार और हिंदूवादी संगठन इस अचानक आई मांग के कारण असमंजस में नहीं, गहरे चक्रव्यूह में फंस गए हैं।

बंगाल से शुरू हुआ नया विवाद अब कहां पहुंचेगा ?

इस पूरे विवाद की शुरुआत पश्चिम बंगाल से हुई थी। विपक्ष के दबाव और सियासी हलचलों के बीच हाल ही में राज्य में शुभेंदु सरकार ने पुराने पशु वध अधिनियम का सख्ती से हवाला देते हुए ईदुल-जुहा/ बकरीद (Eid al-Adha) के मौके पर गाय की कुर्बानी पर प्रतिबंध लगा दिया। यह मामला जब तूल पकड़ कर अदालत की चौखट तक पहुंचा, तो मुस्लिम समुदाय ने इसका विरोध करने के बजाय एक नया और अचूक दांव चल दिया। मीडिया और सोशल मीडिया से आ रहीं खबरों के अनुसार अहम समस्या यह भी है ​कि जिन सनातनी पशुपालकों ने एक अरसे तक इसलिए गाय पाली थीं कि वे ईद पर गाय बेच कर अपना कर्ज चुकाएंगे या कुछ ऐसे गरीब हिंदू पशुपालक संकट में आ गए हैं जो गाय बेच कर अपनी बेटी का विवाह करते, अब ये पशुपालक सरकार को भला बुरा कह रहे हैं।

अब यह ट्रंप कार्ड सरकार के लिए मुश्किल बन गया है

मुस्लिम धर्मगुरुओं ने ऐलान कर दिया कि अगर सरकार गाय को लेकर इतनी ही संवेदनशील है, तो पूरे देश में गोवध बंद कर इसे राष्ट्रीय पशु घोषित क्यों नहीं कर देती? अब यह ट्रंप कार्ड सरकार के लिए मुश्किल बन गया है। जिस मुद्दे को लेकर हमेशा सियासत की जाती है, वह मुद्दा अब न केवल गरमा गया है, बल्कि गले की हड्डी बन गया है।

खाड़ी देशों में भारत से बड़े पैमाने पर मांस का निर्यात होता है

भारत दुनिया के सबसे बड़े बीफ निर्यातक देशों में से एक है। खाड़ी देशों में भारत से बड़े पैमाने पर मांस का निर्यात होता है। आरोप लग रहे हैं कि बड़े स्लॉटर हाउस (कसाईखाने) चलाने वाले निर्यातक राजनीतिक दलों को करोड़ों रुपये का भारी-भरकम चंदा देते हैं। यही वजह है कि सत्ताधारी दल और संगठन इस मुद्दे पर बोलने से बच रहे हैं, क्योंकि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करते ही मांस निर्यात के इस बड़े व्यापार पर ताला लग जाएगा।

गोरक्षकों की खामोशी पर उठते सवाल

आमतौर पर देश में गोहत्या के खिलाफ छोटे-छोटे मामलों पर भी बड़े आंदोलन होते रहे हैं। साधु-संतों से लेकर गोरक्षक दल सड़कों पर उतर आते हैं। लेकिन आज जब देश का एक बड़ा अल्पसंख्यक वर्ग खुद गाय को सम्मान देने और उसे राष्ट्रीय दर्जा दिलाने की वकालत कर रहा है, तो गोरक्षकों की यह खामोशी चिंताजनक है। जो लोग गो-तस्करी के शक में 'मॉब लिंचिंग' जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे, वे भी इस समय परिदृश्य से गायब हैं।

अब धर्मसंकट में फंस गई केंद्र सरकार

यह साफ है कि मुस्लिम धर्मगुरुओं के इस 'मास्टरस्ट्रोक' ने गोमाता के नाम पर होने वाली राजनीति की पोल खोलकर रख दी है। इस मुद्दे पर विपक्षी दल जल्द ही सरकार से संसद में आधिकारिक जवाब मांग सकते हैं। विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदूवादी संगठनों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का भारी दबाव बन रहा है। अब देखना यह है कि केंद्र सरकार इस धर्मसंकट से कैसे बाहर निकलती है और क्या वाकई गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिल पाएगा?

सांसत में आ सकती है सरकार की जान

बहरहाल, चंदादाता मिलियनेयर बीफ निर्यातकों और स्लॉटर हाउस मालिकों के बीच खलबली मचने का माहौल है। अगर यह मांग जोर पकड़ती है, तो न केवल मांस उद्योग से जुड़े लाखों लोगों के रोजगार और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाले असर को लेकर एक नई बहस शुरू हो सकती है, बल्कि संतों और सनातन धर्म गुरुओं के दबाव के कारण सरकार की जान भी सांसत में आ सकती है।

Also Read
View All
मौसम विभाग की चेतावनी, भीषण गर्मी के चलते ओडिशा में दोपहर के समय श्रमिकों से काम कराने पर प्रतिबंध

‘भागने पर मजबूर किया गया’, फाल्टा में BJP की जीत के बाद TMC सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी ने ECI पर उठाए सवाल

कांग्रेस ने सरकार के विदेश नीति पर उठाये सवाल, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के 500 अरब डॉलर के बिजनेस वाले बयान पर भी पूछा सवाल

ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका! पार्टी सांसद काकोली घोष ने बारासात डिस्ट्रिक्ट कमेटी प्रेजिडेंट पद से दिया इस्तीफा

फाल्टा में चुनाव हारने पर ममता बनर्जी ने बीजेपी पर किया पलटवार, दे दी कर्मों का फल भुगतने की चेतावनी, बुलडोजर एक्शन पर भी बोलीं