रायपुर

गरीब व अमीर वृद्धों के लिए दो तरह के हों वृद्धाश्रम, मिले डे-केयर सेंटर व सेल्फ-हेल्प ग्रुप की सुविधा

- डॉ. नेरल ने कहा, बुजुर्गों की बढ़ती जनसंख्या को भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के रूप में लिया जाना चाहिए.

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Sep 13, 2022
गरीब व अमीर वृद्धों के लिए दो तरह के हों वृद्धाश्रम, मिले डे-केयर सेंटर व सेल्फ-हेल्प ग्रुप की सुविधा

रायपुर. रोटरी क्लब ऑफ रायपुर वेस्ट के तत्वाधान में ‘वृद्धजनों के प्रति हमारे सामाजिक दायित्व’ विषय पर आयोजित एक व्याख्यान में मेडिकल कॉलेज रायपुर के प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष डॉ. अरविन्द नेरल ने वृद्धजनों की समस्याओं पर अपने विचार रखें। उन्होंने कहा, औसत लाइफ एक्स्पेक्टेंसी (जीने के वर्ष) में लगातार वृद्धि होने से वरिष्ठ नागरिकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, इसलिए इनसे संबंधित समस्याओं को समझना आवश्यक है।

समाज के इस बहुमूल्य और अनुभवी संसाधन का समाज व राष्ट्र की बेहतरी के लिए अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। बुजुर्गों की बढ़ती जनसंख्या को समस्या न मानकर इन्हें भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के लिए सबसे बड़े बाजार संसाधन के रूप में लिया जाना चाहिए, जिसे अब तक खंगाला नहीं गया है। निर्धन और अमीर वृद्धजनों के लिए निःशुल्क और सशुल्क दो तरह के वृद्धाश्रमों की आवश्यकता है।

इसके साथ ही डॉ. नेरल ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए डे-केयर सेंटर, सेल्फ-हेल्प ग्रुप, स्वास्थ्य मित्र, स्वास्थ्यगत लाचार बुजुर्गों के लिए रिहेबिलिटेशन सेंटर, जिरियाट्रिक मेडिसीन में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (एम.डी.), जीवन बीमा और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए मेडिकल रि-एम्बर्समेन्ट जैसी सुविधाओं की चर्चा की।

Published on:
13 Sept 2022 10:35 pm
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