
सतना। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान रीवा जिले का बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा। सीएम हेल्पलाइन की ग्रेडिंग में अग्रिम पंक्ति में बने रहने के लिए यहां बड़ा खेल किया जा रहा था। एक व्यक्ति से एक माह में जिले के चार विकासखंडों में सवा सौ शिकायतें कराई गईं थीं। सभी को संतुष्टि पूर्वक बंद कराया गया था। लोक प्रबंधन के एमडी अभिजीत अग्रवाल को उन्होंने इसकी गहन जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि पता लगाया जाए कि इससे किस अधिकारी को फायदा हो रहा है। भविष्य में ऐसा न हो सके, इसकी भी व्यवस्था करने को कहा। उल्लेखनीय है कि इस प्रकार के खेल को पत्रिका ने प्रमुखता से उजागर किया था। इस वजह से कई बार सतना जिले की रैंकिंग काफी प्रभावित हुई थी।
इस तरह पकड़ में आया मामला
समाधान ऑनलाइन के दौरान जब शिकायतों के निराकरण की समीक्षा हो रही थी तो मुख्य सचिव ने पाया कि रीवा जिले के रजनीश चतुर्वेदी नामक व्यक्ति ने अपने मोबाइल नंबर से 4 जनपदों की सवा सौ के लगभग शिकायतें की थीं। इसके बाद मासिक ग्रेडिंग के पहले ही इन्हें संतुष्टि पूर्वक बंद भी करा दिया। अलग-अलग जनपदों से रजनीश ने क्रमश: 25, 34, 32 और 30 के लगभग शिकायतें की थी। यह देख मुख्य सचिव बैंस भौचक रह गए। उन्होंने पूछा कि यह कैसे हो रहा है। तब किसी ने बताया कि यह ब्लैकमेलिंग के लिए किया जाता है। इस पर दखल देते हुए लोक प्रबंधन के एमडी अभिजीत अग्रवाल ने मुख्य सचिव को सीएम् हेल्पलाइन की ग्रेडिंग में अग्रिम पंक्ति में बने रहने के लिए किए जा रहे चतुराई भरे कारनामों की जानकारी दी तो मुख्य सचिव भौचक रह गए। अग्रवाल ने बताया कि इससे ग्रेडिंग बढ़ जाती है। यह सुन मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि इसकी विस्तृत जांच करें। किस अधिकारी को फायदा पहुंच रहा है इसकी पूरी रिपोर्ट मेरी टेबल पर रखी जाए। यह भी कहा कि ऐसा कोई आगे से न कर पाए इसकी व्यवस्था की जाए। ऐसे नंबरों को ब्लैकलिस्ट में डालने का सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए।
सतना का मामला बाहर, 10 जिलों की शिकायतें सुनी गईं
समाधान में मुख्यमंत्री की गैर मौजूदगी में मुख्य सचिव ने सुनवाई की। उन्होंने 10 जिलों के आवेदकों की शिकायतें सुनी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के कलेक्टर्स से शिकायतों के समाधान के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी ली। प्राथमिक चरण में सतना जिले का ट्रांसफार्मर का मामला शामिल था, लेकिन उसका निराकरण हो जाने के कारण फाइनल 10 की सूची में शामिल नहीं हो सका। सतना कलेक्ट्रेट स्थित एनआइसी कक्ष में कलेक्टर अनुराग वर्मा, पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, अपर कलेक्टर संस्कृति जैन, सीईओ जिला पंचायत डॉ परीक्षित राव झाड़े, आयुक्त नगर निगम राजेश शाही, अधीक्षण यंत्री विद्युत जीडी त्रिपाठी सहित संबंधित विभागों के जिला प्रमुख उपस्थित रहे। एक मामला कटनी जिले का कियोस्क सेंटर से जुड़ा था। इसमें लाखों रुपए शिकायतकर्ता के कियोस्क संचालक ने निकाल लिए थे। संचालक सतना जिले का था, जिसे सतना का मामला बताने की कोशिश कटनी जिले से की गई थी। लेकिन बदेरा थानेदार की जांच के बाद पूरा मामला सामने आया कि यह सतना की नहीं बल्कि कटनी जिले का है।
गो इमिडियेटली...
समाधान ऑन लाइन में मुख्य सचिव आवेदकों की समस्यायों के निराकरण की जानकारी जब कलेक्टर्स से ले रहे थे, तभी बैतूल कलेक्टर अमनवीर सिंह ने मुख्य सचिव को बोरबेल में गिर गये बच्चे की जानकारी देकर उनसे रेस्क्यू ऑपरेशन में जाने की अनुमति मांगी। मुख्य सचिव ने कलेक्टर बैतूल को कहा गो... गो इमिडियेटली...
बेहतर प्रदर्शन पर शाबाशी
मुख्यमंत्री समाधान ऑनलाइन में सीएम हेल्पलाइन में उच्च प्रदर्शन करने वाले जिले और विभागों का प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया। सीएम हेल्पलाइन में अक्टूबर 2022 माह में उच्च प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को मुख्य सचिव ने बधाई दी। इनमें कटनी के विजय कुमार विश्वकर्मा निरीक्षक गृह विभाग, इंदौर की कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सोनी दिनकर और तहसीलदार ब्रम्हस्वरूप श्रीवास्तव, अशोकनगर के जिला संयोजक नरेंद्र सिंह रघुवंशी, बैतूल के सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग नरेंद्र गौतम, सागर नगर निगम के उपयंत्री संयम चतुर्वेदी, और उमरिया के सिविल सर्जन डॉ केएल सोनी को सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को शत-प्रतिशत संतुष्टि पूर्ण निराकरण करने पर मुख्य सचिव ने उन्हें प्रोत्साहित किया।