
खेत की मिट्टी को किस तत्व की आवश्यकता है और उसमें कौनसा पदार्थ डाला जाए कि भूमि उपजाऊ हो सके। इसका पता लगाने के लिए कृषि विभाग ने मृदा स्वास्थ्य योजना शुरू की। किसान खेत की भूमि का अलग-अलग हिस्से से सैम्पल लेकर जिला मुख्यालय स्थित मिट्टी प्रयोगशाला में जांच करवा सकता है। सरकार का मानना है कि इससे खेतों में अधिक खाद डालने की प्रवत्ति पर रोक लगेगी और सन्तुलित मात्रा में खाद डालने से मिट्टी खराब नहीं होगी। जिलेभर के किसान मिट्टी की जांच करवा रहे हैं। कृषि विभाग के सुपरवाइजर भी खेतों में घूम कर मिट्टी जांच के लिएप्रेरित कर रहे हैं।
कृषि उपनिदेशक जगदीशचन्द्र मेघवंशी के अनुसार जिले में मृदा नमूना संग्रहण के लिए 45,678 का लक्ष्य रखा था जिसमें 34,807 प्राप्त हुए हैं। वहीं नमूनों के विश्लेषण के लिए 39,883 का लक्ष्य रखा था। इसमें 18,387 नमूनों की जांच हो गई है। जिले के 41,630 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण किया है।