भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय, विधायक आकाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला पहुंचे थे मंदिर Kailash Vijayvargiya MLA Akash Vijayvargiya MLA Ramesh Mendola
उज्जैन. विश्वविख्यात ज्योतिर्लिंग उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार सुबह भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय, उनके विधायक बेटे आकाश और विधायक रमेश मेंदोला के कारण हंगामा हो गया। प्रतिबंध के बाद भी तीनों नेता गर्भगृह तक पहुंच गए। सबसे बुरी बात तो यह है कि उनके कारण भगवान महाकाल की भस्म आरती करने जा रहे पुजारियों को रोक दिया गया। भस्म आरती आधा घंटा विलंब से हुई। इस घटनाक्रम से मंदिर के पुजारियों में गहरा आक्रोश है। पुजारियों ने इस मामले की सीएम शिवराज को शिकायत करने की बात भी कही है।
तीनों भाजपा नेता भगवान महाकाल के दर्शन करने आए तो मंदिर प्रशासन ने सभी गेट बंद कर दिए। जब सुबह 4 बजे मुख्य पुजारी अजय अन्य पुजारियों के साथ भस्म आरती करने पहुंचे तो उन्हें रोक दिया गया। जैसे ही पुजारियों ने कैलाश विजयवर्गीय, आकाश विजयवर्गीय और रमेश मेंदोला को देखा तो वे पूरा माजरा समझकर भड़क उठे। पुजारियों ने हंगामा किया तो मुख्यमंत्री से शिकायत करने की भी बात कही। हैरत की बात तो यह है कि इस दौरान मंदिर के सभी CCTV कैमरे फ्रीज कर दिए गए थे।
हंगामे के बाद तीनों नेता मंदिर से निकल गए। विधायक रमेश मेंदोला ने मुंह पर कपड़ा ढंक लिया जिनकी तस्वीरें भी वायरल हो गईं हैं। मंदिर में हुए हंगामे और भस्म आरती में विलंब के संबंध में अभी मंदिर प्रशासन मौन बना हुआ है। इस बीच शुक्रवार को मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने भी महाकालेश्वर भगवान के दर्शन किये।
शुक्रवार को नागपंचमी होने से मंदिर में भक्तों की भीड़ भी है। सालभर में केवल एक बार खुलनेवाले नाग चंद्रेश्वर मंदिर के पट भी आज खुले हैं. हालांकि कोरोना के कारण दर्शन प्रतिबंधित हैं पर कई भक्त इस आस में भी आ गए हैं कि शायद प्रशासन ऐन वक्त पर नाग चंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन की इजाजत दे। यह मंदिर महाकाल मंदिर (Mahakal) के शिखर पर ही स्थित है।
घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है। इसमें कुछ लोग कैलाश विजयवर्गीय से पूछ रहे हैं कि आपके कारण मंदिर के पुजारियों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। विजयवर्गीय चलते—चलते रुक जाते हैं, उन लोगों को देखते हैं और बिना जवाब दिए आगे बढ़ जाते हैं। लोग रमेश मेंदोला से भी ये सवाल दोहराते हैं पर वे भी कोई जवाब नहीं देते हैं। ज्ञातव्य है कि भाजपा नेताओं के आने के बाद सुरक्षाकर्मी और पुलिस ने चारों तरफ ताले जड़ दिए। यहां तक कि मंदिर के पुजारियों को भी प्रवेश नहीं दिया जिसकी वजह से भस्म आरती करीब आधे घंटे लेट हुई।