बनारस में हत्या के पहले रेकी करने आए थे अपराधी, पुलिस ने मुठभेड़ में धर दबोचा।
वाराणसी. यूपी पुलिस ने बीजेपी के एक बाहुबली विधायक सुशील सिंह की हत्या के प्रयास को विफल कर दिया। स्पेशल टास्क फोर्स ने एक लाख के ईनामी और उसके दो शूटरों को बनारस में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया बदमाश पूर्वांचल व बिहार में हत्या और जानलेवा हमले समेत कई संगीन मामलों में वांछित है। उसपर एक लाख रुपये का ईनाम भी घोषित है। सुशील सिंह चंदौली जिले की सैय्यदराजा विधानसभा से भाजपा विधायक हैं।
एसटीएफ ने वाराणसी के टकटकपुर स्थित एक गैस गोदाम से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के हत्थे चढ़े मनीष तिवारी ‘धोनी तिवारी’ पर एक लाख रुपये का ईनाम घोषित है। उसके साथ ही उसके दो शूटर मनीष केसरवानी और अंजनी सिंह भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। इनके पास से पुलिस ने देशी पिस्टल, तमंचा, कारतूस, खोखे और तीन मोबाइल बरामद किये हैं। पकड़ा गया अपराधी धोनी तिवारी बस्ती जिले के नगर कोतवाली अन्तर्गत पाल्हा का रहने वाला है और पुलिस के मुताबिक वह विधायक सुशील सिंह की हत्या करने के लिये कई दिनों से बनारस में ही रह रहा था। ये लोग सुशील सिंह के अलावा अजय मरदह और सनी सिंह की हत्या भी करने की फिराक में थे।
मीडिया में आयी खबरों के मुताबिक एसटीएफ ने बताया है कि पकड़े गए अपराधी 2015 में बदमाशों की फायरिंग में मारे गए बसपा नेता राम बिहारी चौबे क बेटे अमरनाथ चौबे ‘कक्कू’ के कहने विधायक सुशील सिंह, अजय मरदह और सनी सिंह की हत्या करने वाले थे, पर इसके पहले ही पकड़े गए।