इस गांव के 1500 लोगों पर मंडरा रहा मौत का साया, 17 लोगों की हो चुकी है मौत

पंजाब के पठानकोट जिले के भगवान सर गांव के लोग पिछले चार सालों से दहशत में जी रहे हैं। अज्ञात बीमारी की चपेट में आकर 17 लोगों ने तिल-तिल करके दम तोड़ा है।

 

पठानकोट(धीरज शर्मा): पंजाब ( Punjab ) के पठानकोट जिले ( Pathankot ) के भगवान सर गांव के लोग पिछले चार सालों से दहशत में जी रहे हैं। दहशत है अज्ञात बीमारी ( unknown disease ) से मंडरा रही मौत को लेकर । इस अज्ञात बीमारी की चपेट में आकर 17 लोगों ( 17 Died ) ने न सिर्फ तिल-तिल करके दम तोड़ा बल्कि बीमारी से परविार के परिवार कंगाली की हालत में पहुंच गए। कई घरों में फाके पडऩे की नौबत है। शासन-प्रशासन ने अभी तक इस गांव की सुध नहीं ली है।

दर्दनाक तरीके से होती है मौत
इस जानलेवा बीमारी की गिरफ्त में आने वाले व्यक्ति को पहले बुखार आता फिर धीरे-धीरे शरीर के अन्दरूनी हिस्सों में अल्सर पैदा होने शुरू हो जाते हैं जो शरीर में फैलते जाते हैं। अंतत: पीडि़त की पीड़ादायक तरीके से मौत के आगोश में चला जाता है। गांव के लोग पिछले कुछ महीनों से मदद की गुहार लगा रहे हैं। गांव के लोगों को डर है कि कहीं यह बीमारी उनकी जिंदगी भी न लील ले उन्हें डर है अपनी जिंदगी का और गम है अपनों को खोने का जो एक अनजान बीमारी का शिकार हो गए। गांव के हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गांव के मौजूदा सरपंच भी कैंसर के कारण जान गंवा चुके हैं। उनके अलावा लगभग 17 लोग हैं जो चार वर्षों में इस गंभीर बीमारी से मौत का ग्रास बन गए।
ग्रामीणों में है दहशत
गांव के पूर्व सरपंच ओंकार नाथ ने बताया कि गांव की आबादी 1500 के करीब है और 150 घर हैं। चार वर्षोंं में सूबेदार चमन लाल, मास्टर चमन लाल, प्रेमचंद, केवल कृष्ण, तृप्ता देवी, मदन लाल, सुनीता देवी, सुखदेव राज, सोहन लाल, दौलत राम, हरि राम, शिवराम, सुजीत, सतपाल, बोधराज और निशा इस अज्ञात बीमारी के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।

कई बार प्रशासन से लगा चुके गुहार
गांव के पुरुषोत्तम बिट्टू ने बताया कि इस संबंधी कई बार जिला प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अक्सर उन्हें राजनीतिक दबाव बनाकर टाल दिया जाता है। इस संबंध में नजदीकी पीएचसी सेंटर में बताया था और पीएचसी सेंटर के कर्मचारी सर्वे भी कर चुके हैं। लेकिन डेढ़ महीना गुजर जाने के बाद भी सेहत विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची है।

बीमारी अभी तक है अज्ञात
पीएचसी कर्मचारी हरपाल सिंह का कहना है गांव में होने वाली इस बीमारी का अभी पता नहीं चल पा रहा है लोगों की शिकायत के बाद चंद दिन पहले सेहत विभाग की टीम ने पानी के सैंपल लिए हैं। सेहत विभाग की टीमें गांवों का सर्वे करती हैं अगर ऐसी बात होती तो उसका रिकॉर्ड होता। अब तक उनके रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं है। लोगों की रिपोर्ट भी देखी बीमारी तो कैंसर जैसी है पर कैंसर नहीं है। अब तक इस बीमारी के पीछे के कारणों का पता नहीं लग पाया। पठानकोट के सिविल सर्जन अदिति सलारिया ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से टेस्ट के लिए किट आ चुकी है। अधिकारियों की टीम आने पर ही सैंपल चेक किए जा सकेंगे। प्रभावित गांवों के लोग प्रस्ताव पास कर शिकायत डीसी को दें तो कार्रवाई होगी उससे पहले सर्वे करवाकर बीमारी की जड़ का पता लगाया जाएगा।

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Yogendra Yogi
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