पाकिस्तान में अब गूंजेगा बम-बम भोले, 10 वीं सदी का शिव मंदिर खुलेगा

रत में उठ रहे विरोध के स्वरों को मंदा करने की नीयत से पाकिस्तान ने करतारपुर गुरुद्वारा श्रद्धालुओं के लिए खोलने के बाद प्राचीन शिव मंदिर को भी खोलने की घोषण की है।

 

अमृतसर(धीरज शर्मा): भारत ( India ) में उठ रहे विरोध के स्वरों को मंदा करने की नीयत से पाकिस्तान ( Pakistan ) ने करतारपुर गुरुद्वारा श्रद्धालुओं के लिए खोलने के बाद प्राचीन शिव मंदिर ( Anicent Shiv Temple ) को भी खोलने की घोषण की है। पाकिस्तान हिंदुओं को भी स्यालकोट के शिवाला तेजा सिंह मंदिर को भव्य रूप में तैयार कर तोहफे के रूप में भेंट करने जा रहा है। मंदिर को दिवाली से पहले ही हिंदुओं को समर्पित कर दिया जाएगा।

दक्षिण भारत का शिल्प है मंदिर में
1947 में हुए देश के बंटवारे के बाद तो यह पूरी तरह से उपेक्षित हो गया और इसे बंद कर दिया गया। 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस के दौरान इस शिवालय को भी कट्टरपंथियों ने बम से उड़ा दिया था। स्यालकोट के शिवाला तेजा सिंह मंदिर का निर्माण 10 वी सदी ( 10th Centuary ) में चोल राजाओं ने कराया था। मंदिर की शिल्पकला दक्षिण भारत के मंदिर के शिल्प से मिलती है। इसी से अंदाजा लगाया गया है कि इसे चोल राजाओं ( Choal Emperor ) ने बनवाया होगा। उचित देखरेख और संरक्षण के अभाव में समय यह मंदिर जीर्ण-शीर्ण हालत में पहुंच गया।

मूल स्वरूप देने की कवायद
इसे मंदिर को साल जुलाई महीने में हिंदुओं के लिए खोल दिया था। पाकिस्तान सरकार तथा एक्यू ट्रस्ट प्रापर्टी बोर्ड (औकाफ बोर्ड) ने इस शिव मंदिर के जीर्णोंद्वार का काम शुरू कर दिया। बोर्ड के एडिशनल सेक्रेटरी फराज अब्बास (हिंदु स्थल विंग) ने बताया कि चार महीने के संरक्षण कार्य को दो महीने में ही पूरा कर लिया गया है। हिंदू भाइयों की मदद से शिव दरबार, राम दरबार, वैष्णव देवी दरबार आदि की मूर्तियां स्थापित करने के बाद तोहफा हिंदू भाइयों को भेंट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां पर शिव लिंग, तस्वीरें, घंटी, नंदी बैल आदि को स्थापित कर दिया गया है। मंदिर को मूल रूप देने के लिए उसमें मौजूद फ्रेस्को पेटिंग को फिर से उकेरा गया है। मंदिर की छत्त, खंभे और फर्श का पुनर्निमाण कराया गया है।
दिवाली से पहले उद््घाटन
अब्बास ने बताया कि हिन्दुओं की धार्मिक आस्था के मदï्देनजर इस मंदिर दीपावली से ( Before Diwali ) पहले आम लोगों के लिए समर्पित कर दिया जाएगा। इस माह के 25 अक्टूबर को इसे सार्वजनिक दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा। रेनोवेशन के बाद आम दर्शन के लिए इसे दिवाली तक खोला जाना था, लेकिन त्योहार होने के कारण पहले ही 25 अक्टूबर को समर्पित किया जाएगा।

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Yogendra Yogi
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