क्रिकेटर सुरेश रैना के फूफा और भाई के हत्यारे गिरफ्तार, आभूषण बरामद

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिन्द सिंह ने दी जानकारी, अंतरराज्यीय लुटेरा गिरोह है ये, 11 की गिरफ्तारी बाकी

पकड़े गए तीनों आरोपी झूंझनूं राजस्थान के, उत्तर प्रदेश, जम्मू एंव कश्मीर में भी की है लूटपाट

By: Bhanu Pratap

Published: 16 Sep 2020, 02:55 PM IST

पठानकोट। पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि क्रिकेटर सुरेश रैना के फूफा के परिवार पर यह हमला एक अंतरराज्‍यीय लुटेरा गिरोह ने किया था। गिरोह के तीन सदस्‍यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में 11 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी होनी बाकी है। पकड़े गए तीनों आरोपी झुझनूं, राजस्थान के हैं। बता दें कि सुरेश रैना ने जब पंजाब के मुख्यमंत्री को ट्वीट किया तब इस मामले को गंभीरता से लिया गया। पुलिस ने सक्रियता दिखाई।

19 अगस्त की है घटना

पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कहा कि 19 अगस्त की रात को जिला पठानकोट के थाना शाहपुरकंडी के थरियाल गांव में हुए मामले में अन्‍य आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस छापे मार रही है। 19 अगस्त की रात को पठानकोट के थरियाल गांव में लुटेरों ने रैना के फूफा अशोक कुमार की हत्या कर दी थी। उनके बेटे कौशल कुमार ने भी 31 अगस्त को दम तोड़ दिया था। अशोक कुमार की पत्‍नी यानी क्रिकेटर सुरेश रैना की बुआ आशा रानी की हालत गंभीर है। दो अन्य घायलों को छुट्टी दे दी गई है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में एसआईटी का गठन किया था।

गिरफ्तार किए गए तीनों बदमाश राजस्थान के रहने वाले

15 सितंबर को एसआईटी को सूचना मिली कि तीन संदिग्ध, जो घटना के बाद सुबह डिफेंस रोड पर देखे गए थे, पठानकोट रेलवे स्टेशन के पास झुग्गियों में रह रहे थे। छापामारी के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनसे एक सोने की अंगूठी, एक लेडीज रिंग, एक लेडीज गोल्ड चेन, 1530 रुपये, दो देसी कट्टे बरामद किए गए गए हैं। जिनकी पहचान सावन उर्फ मैचिंग, मुहब्बत और शाहरुख खान के रूप में की गई, जो वर्तमान में चिरावा और पिलानी झुग्गी, जिला झुंझुनू, राजस्थान के निवासी हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वे अन्य लोगों के साथ एक गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और पंजाब के विभिन्न हिस्सों में पहले भी कई ऐसे अपराध किए हैं।

इस तरह की हत्या और लूटपाट

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मूल निवासी सावन ने एसआईटी को बताया है कि 12 अगस्त को वे एक ऑटो में (पीबी 02 जी 9025) चिरवा और पिलानी से एक समूह के रूप में चले थे। ऑटो का मालिक एक नौसा है। वह भी चीरा झुग्गियों में रहता है। नौसा के साथ राउद, रेहान, जबराणा, वैफशिला, तवाज्जल, बीबी और एक अज्ञात व्यक्ति था। फिर वे जगराओ, लुधियाना पहुंचे, जहाँ से तीन अन्य लोगों - रेन्डा, गोलू और साजन को साथ लिया। उन्होंने लुधियाना में कपड़ा की दुकान से एक हार्डवेयर शॉप से आरी, दो सरौता और एक स्क्रू ड्राइवर खरीदा। 14 अगस्त की रात जगराओं में डकैती करने के बाद पठानकोट के लिए रवाना हुए। पठानकोट में संजू को सात लिया जो इलाके को अच्छी तरह से जानता था। 19 अगस्त की रात लगभग 7-8 बजे वे अपने 2-3 व्यक्तियों के समूह में बँट गए। उन्होंने पहले से ही एक शटरिंग दुकान की पहचान की थी। वहां से सीढ़ी ली। पहले दो घरों में सीढ़ी लगाई। इनमें एक गोदाम और एक खाली घर था। तीसरा अशोक कुमार का था। पांचों आरोपी छत की तरफ से सीढ़ी का इस्तेमाल करते हुए घर में दाखिल हुए। उन्होंने देखा कि तीन लोग मैट पर सोए पड़े हैं। घर में घुसने से पहले उनके सिर पर प्रहार किया और लूटपाट की। नकदी और आभूषणों को आपस में बांटने के बाद वे तितर-बितर हो गए।

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