4-5 फीट धंसके क्षतिग्रस्त पुल से हो रही आवाजाही, हो सकता है बड़ा हादसा

4-5 फीट धंसके क्षतिग्रस्त पुल से हो रही आवाजाही, हो सकता है बड़ा हादसा
4-5 फीट धंसके क्षतिग्रस्त पुल से हो रही आवाजाही, हो सकता है बड़ा हादसा

Rajan Kumar | Updated: 11 Oct 2019, 03:06:07 PM (IST) Anuppur, Anuppur, Madhya Pradesh, India

कैसे होगी तामिली, आदेश जारी कर प्रशासन ने सुरक्षाओं से बनाई दूरी

अनूपपुर। जिला मुख्यालय अनूपपुर से फुनगा के दर्जनों गांव को जोडऩे वाली तिपान नदी पर बना ६० मीटर लम्बा पुल क्षतिग्रस्त होकर धीरे-धीरे नदीतल की ओर धसक रहा है। पिछले दो दिनों में पुल का लगभग ४० फीट हिस्सा ४ फीट नीचे धसक गया है। आशंका है कि एकाध दिनों में पुल पूरी तरह धसक कर जमींदोज हो जाएगा। बावजूद इतनी बड़ी घटना के बाद भी जिला प्रशासन सुरक्षा को लेकर गम्भीर नहीं है। क्षतिग्रस्त पुल से ग्रामीणों व वाहनों की आवाजाही अब भी बनी हुई है। ७ अक्टूबर को पुल के क्षतिग्रस्त होने तथा ८ को पत्रिका में छपी खबर के बाद जिला प्रशासन ने आनन फानन में एसडीएम अनूपपुर को पुल पर आवाजाही बंद करने के निर्देश दिए। जिसमें एसडीएम ने कागजी आदेश जारी कर ६ विभागा प्रमुखों को कार्रवाई व जन प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी सौंपते हुए २ माह तक आदेशों के तामिली के आदेश जारी किए हैं। लेकिन आश्चर्य आदेश के प्रथम दिन ही पुल की सुरक्षा को लेकर किसी विभाग ने गम्भीरता नहीं दिखाई। पुलिस द्वारा बेरिकेट लगाकर इतिश्री कर दी गई। लेकिन यहां भी सुरक्षा के लिए न तो जवानों की तैनाती की गई और ना ही वहां से गुजरने वालें वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोई अधिकारी मौजूद हैं। वहीं जलसंसाधन विभाग द्वारा पुल के शेष बेस को सुरक्षित रखने नदी के जमीन को औने पौने रूप में समतलीकरण कर छोड़ दिया है। जिसके कारण नदी का बहाव क्षतिग्रस्त पुल की ओर अधिक बढ़ गया है। ९ अक्टूबर को सुबह से शाम क्षतिग्रस्त पुल से वाहनों और ग्रामीणों की आवाजाही बनी रही। विदित हो कि जलसंसाधन विभाग द्वारा वर्ष २००९ में १ करोड़ २७ लाख की लागत से निर्मित ७ अक्टूबर की दोपहर ८ खम्भों सहित पुल का लगभग ४० फीट हिस्सा दरारों में तब्दील होकर १ फीट नीचे बैठ गया था। वहीं नदी की तेज बहाव में पुल लगातार नीचे ही धंसकता ही जा रहा है। ९ अक्टूबर को पुल के ८ खम्भे वी सेप में टेढी होकर लगभग ४-५ फीट नीचे धंसक गया। आशंका है कि पानी की तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास के सहित अन्य खम्भें व पुल का हिस्सा क्षतिग्रस्त होगा। फिलहाल पुल के क्षतिग्रस्त होने से दर्जनों गांव की आवाजाही प्रभावित हुई है। सामतपुर वार्ड जिला मुख्यालय से फुनगा तक यह मार्ग शॉटकट होने के साथ बहुपयोगी है। जिससे हर्री, बर्री, भगताबांध, पसला, बिजौड़ी, चातरहिया, रक्शा, कोलमी, अमगंवा, छुलकारी से लेकर फुनगा तक के हजारों ग्रामीणों की आवाजाही होती है।
बॉक्स: ६ प्रमुखों के नाम आदेश जारी, एक भी नहीं उपस्थित
एसडीएम द्वारा जारी आदेश में जलसंसाधन विभाग जैतहरी को क्षतिग्रस्त पुल के दोनों ओर बेरिकेटिंग कर मार्ग को अवरूद्ध करते हुए वाहनों की आवाजाही बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दोनों छोर पर सूचना प्रदर्शित करने को कहा गया। जबकि कोतवाली थाना प्रभारी को जवानों को तैनात कर निर्देश के पालन कहे गए हैं। वहीं आरटीओ को आदेश के उल्लंधन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने, तहसीलदार एवं सम्बंधित अधिकारियों को आदेश के प्रचार प्रसार, सीईओ जैतहरी को क्षेत्र के सचिव और रोजगार सहायक के माध्यम से सुबह शाम मुनादी के माध्यम से जानकारी देने को कहा गया। वहीं नगरपालिका अनूपपुर को निर्देशों के प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी दी गई। साथ ही कहा गया कि यह आदेश आगामी २ माह तक प्रभावी रहेगी। लेकिन आश्चर्य पुल की सुरक्षा में कोई भी अधिकारी मैदान में नहंी उतरे, नहीं कोई सूचना प्रसार किया गया।

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