5 हजार मजदूर अब भी बाहर हैं फंसे, 3404 आवेदनों में 1875 रिजेक्ट

283 प्रवासी श्रमिक भेजे गए गृह जिले, 78 हुए क्वारंटीन

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 10 May 2020, 08:25 PM IST

अनूपपुर। कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन और उद्योग धंधे के बंद होने के बाद वहां कार्यरत मजदूरों का पलायन अपने जिले की ओर बना हुआ है। जिले से बाहर रोजगार में गए अब भी ५ हजार मजदूर बाहर फंसे हैं। जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे होने के कारण सीमापार से पैदल आ रहे मजदूरों के साथ ट्रेनों और बसों के माध्यम से जिले पहुंचने वाले मजदूरों को प्रशासन उनके गृह जिले या प्रदेश भेज रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य जांच में संदिग्ध होने पर संस्थागत क्वारंटीन भी कराया जा रहा है। अबतक जिले में शासकीय व्यवस्थाओं से लगभग ७५० लोग पहुंचे हैं। इनमें ६०० व्यक्तियों को उनके गृह जिले भेजा गया है। लगभग १५० व्यक्ति सहित पैदल सीमापार कर अनूपपुर पहुंचने वाले ७०० व्यक्तियों सहित ८५० लोगों को संस्थागत क्वारंटीन में रखा गया है। वहीं बाहर फंसे मजदूरों की जानकारी में पंचायत स्तर पर कराए गए सर्वेक्षण में ५ हजार मजदूरों के अब भी बाहर फंसे होने की पुष्टि हुई है। गृह जिले प्रवेश के लिए लगभग ३४०४ लोगों ने आवेदन दिए हैं, जिसमें ९६१ को प्रशासने अप्रूव किया है, जबकि १८७५ रिजेक्ट हुए हैं। ५७३ आवेदन पेंडिंग हैं। ८ मई को अनूपपुर जिले में 361 श्रमिकों का आगमन हुआ। जिनमे से 283 श्रमिक जो अन्य जिलों प्रदेश के निवासी थे उनकी प्राथमिक स्वास्थ्य जंाच एवं भोजन व्यवस्था के बाद गृह जिले के लिए भेजा गया। इनमें शहडोल के 64, उमरिया के 37, रीवा के 30, सीधी के 29, सतना के 4 एवं सिंगरौली के 1 श्रमिक सहित उत्तरप्रदेश के 38 एवं छत्तीसगढ़ के लिए 80 श्रमिक रवाना हुए। इसके साथ ही गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं आंध्रप्रदेश सहित मध्यप्रदेश के अन्य जिलों से 78 श्रमिक जो कि अनूपपुर के मूल निवासी हैं का आगमन हुआ, इन श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच उपरांत विभिन्न संस्थागत क्वारंटीन केंद्रो में भेज दिया गया। वर्तमान में 57 संस्थागत क्वारंटीन केंद्र में 889 श्रमिक एवं नागरिक निवासरत हैं।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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