ओपन कैप में भंडारित 6 लाख 30 हजार क्विंटल धान, अनुबंध में अब तक 4430 क्विंटल धान का उठाव

नवम्बर तक गोदामों और ओपन कैप से मिलिंग के लिए धान का होगा परिवहन, 13 मिलर में 10 मिलर ने नवीन एग्रीमेंट पर किया उठाव।

By: Rajan Kumar Gupta

Updated: 21 Jul 2021, 12:14 PM IST

अनूपपुर। जिले में उपार्जित 7 लाख 10 हजार क्विंटल धान में नवीन एग्रीमेंट के तहत 12 मिलर में अब तक 10 मिलर ने धान मिलिंग के लिए मात्र ४४३० क्विंटल धान का उठाव किया है। शेष अब भी गोदामों और ओपनकैप और उपज मंडी शेड में भंडारित हैं। मिलर द्वारा उठाए जा रहे धान में मिलरों को अब ४ माह का अतिरिक्त समय लगेगा। मिलिंग के लिए मिलरों द्वारा धान परिवहन का कार्य नवम्बर माह तक जारी रहेगा। इससे आगामी खरीफ के भंडारण में भी विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लेकिन इस दौरान जिले के १० प्वाइंट ओपन कैप में भंडारित ६ लाख ३० हजार क्विंटल धान की बोरियों पर मौसमी मार का खतरा मंडरने लगा है। यहां लम्बे समय तक ओपन कैप में भंडारित रहे धान के मिलिंग में चावल खराब होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। बताया जाता है कि जिले में धान उपार्जन का कार्य १५ नवम्बर से आरम्भ हुआ था, जो १५ जनवरी तक चला। इस दौरान १६८८३ पंजीकृत किसानों में से १३४९८ किसानों द्वारा २९ उपार्जन केन्द्रों पर ७१०२२१.७१ क्विंटल धान का उपार्जन किया गया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार धान उपार्जन के दो माह के भीतर धान का मिलिंग की प्रक्रिया पूरी कर जुलाई तक मिलर से भेजे गए सभी चावलों का गोदामों में भंडारण करने का प्रावधान होता। ताकि बारिश के सीजन के दौरान अनाज को नमी से बताते हुए सुरक्षित भंडारित किया जा सके। लेकिन इस वर्ष सरकार की नवीन नीति को देखते हुए पुराने दर पर मिलिंग करने से मिलरों ने इंकार कर दिया था। जिसके कारण जनवरी माह से अब तक ये धान जिले के गोदामों, ओपन कैप और उपज मंडी शेड के नीचे भंडारित थे। मिलरो द्वारा नई नीति के तहत धान का उठाव करने से इंकार के कारण इन गोदामों और शेड में लगभग छह माह से ये धान पड़े रहे। लेकिन अब धीमी गति में मिलर द्वारा धान उठाव किए जा रहे हैं।
बॉक्स: ओपन कैप में भंडारित धान के खराब की आशंका
जानकारों के अनुसार ओपन कैप में धान को अल्प समय के लिए भंडारित करते हुए सुरक्षित रखने की योजना है। यहां लम्बे समय तक भंडारित नहीं रखा जा सकता। गर्मी की गर्माहट, और बारिश की नमी का असर पन्नी पर आसानी से पड़ता है। इसके अलावा ओपन कैप में बने बेस कंक्रीट के होते हैं, जिसके कारण बाशि में इनके बेस में भी नमी बनती है। इससे उपरी छल्ली गर्मी और बारिश की मार के साथ नीचे लगी बोरी छल्ली बारिश की नमी में प्रभावित होती है। लम्बे समय तक कैप से नहीं हटाए जाने पर मिलिंग के दौरान इसके चावल में टूटन अधिक बनता है।
बॉक्स: नवीन एग्रीमेंट में १३ मिलरों में १०, उठाव मात्र ४४०० क्विंटल
सरकार की नवीन मिलिंग नीति के तहत अनुबंध से मिलर दूरी बना रहे थे। लेकिन अब फिर से मिलरों ने एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर मिलिंग की तैयारी की है। लेकिन जिले में १३ मिलर में से अबतक १० ने अनुबंध किया है। जिसमें इन १० मिलर के द्वारा मात्र ४४३० क्विंटल धान का उठाव करते हुए मिल तक परिवहन किए गए हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार नई धान खरीदी नीति के अनुसार अब प्रदेश में होने वाले धान क्रय में उपार्जित धान का ६० फीसदी एफसीआई और ४० प्रतिशत प्रदेश को आवंटन कराते हुए मिलिंग किया जाना है। जिसमें एफसीआई के मानकों के अनुसार २४ फीसदी टूटन माना गया है।
वर्सन:
मिलर ने एग्रीमेंट कर धान उठाव आरम्भ कर दिए हैं। ओपन कैप में ६ लाख ३० हजार क्विंटल धान है। परिवहन नवम्बर माह तक जारी रहेगा।
एसडी बिरहा, प्रबंधक नागरिक आपूर्ति विभाग अनूपपुर।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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