टुकड़ों में बंटने लगी 68 करोड़ की सीसी सड़क

टुकड़ों में बंटने लगी 68 करोड़ की सीसी सड़क
टुकड़ों में बंटने लगी 68 करोड़ की सीसी सड़क

ayazuddin siddiqui | Updated: 21 Aug 2019, 06:32:32 PM (IST) Anuppur, Anuppur, Madhya Pradesh, India

निर्धारित समयावधि के बाद भी हो रहा सड़क का निर्माण

अनूपपुर. मप्र-छत्तीसगढ़ की सीमा को जोडऩे वाली 68 करोड़ की 40 किलोमीटर लम्बी सीसी सड़क अपने निर्माण कार्य समाप्ति से पूर्व ही जगह जगह दरारों में तब्दील होने लगी है। यह दरारें कोई एकाध जगह नहीं, बल्कि हरके सौ मीटर के फासलों में दोनों छोरों पर खींची नजर आ रही है। भारी वाहनों के दबाव में बीच की ज्वाईंट वाला हिस्सा भी विपरीत दिशाओं में खिसकता चला जा रहा है, जिसके कारण बीच के हिस्से में जगह जगह खाली हिस्से बनने आरम्भ हो गए हैं। सालभर पूर्व बने सड़क के हालात देखकर यह तय माना जा रहा है कि भारी वाहनों की आवाजाही में 68 करोड़ की सीसी सड़क जल्द ही दरारें की जगह टुकड़ों में बंट जाएगा।
इससे पूर्व भी अनूपपुर नगरपालिका क्षेत्रांतर्गत में वर्ष 2015 के दौरान बनाई गई 14 करोड़ की दो मॉडल सड़क सहित अन्य वार्ड की सीसी सड़क प्रशासनिक अनदेखी में गड्ढों में तब्दील हो गई है। जिसे सुधारने में जिला प्रशासन सहित नगरीय प्रशासन ने अपने हाथ खड़े कर दिए है। हालात यह रहे कि परफॉमेंस ग्रांट वर्क का हवाला देते हुए कंपनी ने सरंक्षण की अंतिम वर्ष सड़क की मरम्मती कार्य करते हुए अपनी अमानत राशि तक निकासी करवा ली। अब कुछ ऐसे ही हालात अनूपपुर-जैतहरी-वेंकटनगर मार्ग के निर्माण में बनता दिख रहा है। नवम्बर 2015 में तत्कालीन प्रदेश शासन लोक निर्माण मंत्री सरताज सिंह ने आईआरडीएफ परियोजना के तहत अनूपपुर अमरकंटक तिराहा से जैतहरी वाया वेंकटनगर तक लगभग 40.600 मीटर लम्बी सीसी सड़क निर्माण की आधारशिला रखी थी। जिसमें शासन की ओर से 57 करोड़ की राशि स्वीकृति प्रदान की गई थी। जहां कार्य आरम्भ की तिथि 29 जनवरी 2016 निर्धारित करते हुए कार्य समाप्ति 17 नवम्बर 2017 तय की थी। लेकिन इन निर्धारित समय में कंपनी द्वारा सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया। जिसपर शासन की ओर पुन: पुनरीक्षित कार्य समाप्ति अवधि 30 जून 2018 निर्धारित की, यहां भी यह तिथि कम साबित हुई और जिला प्रशासन ने 30 जून 2019 तक कार्य पूर्ण करने के अल्टीमेटम दिए। बावजूद कंपनी द्वारा निर्धारित अल्टीमेंटम के दो माह बाद भी कार्य पूर्ण नहीं कर सकी। यहीं नहीं पूर्व प्रस्तावित स्वीकृत राशियों में विलम्बता तथा मंहगाई का हवाला देते हुए कपंनी ने शासन से अतिरिक्त 11 करोड़ की राशि और स्वीकृत करा ली। जिसके कारण पूरी परियोजना 57 करोड़ की जगह अब 68 करोड़ की हो गई। लेकिन इतनी राशियों के बाद भी सड़क की गुणवत्ता से कंपनी ने खिलवाड़ करते हुए निर्माण पूर्ण से पूर्व दरार वाली सड़क शासन को सौंपने की तैयारी कर ली।
जबकि परियोजना प्रस्तावों में प्राक्कलनों को देखा जाए तो कंपनी के लिए शासन द्वारा सवग्रेड 300एमएम मोटाई, सीआरएम 100 एमएम मोटाई, डीएनसी 100 एमएम मोटाई, पीक्यूसी 270/300 एमएम मोटाई, सीडी वक्र्स 52 नग निर्धारित की। लेकिन इतनी मोटाई के बाद भी सड़कों में दरार आना कंपनी द्वारा गुणवत्ता में कमी दर्शाना साबित करता है। जबकि आश्चर्य है कि निर्माण एजेंसी के रूप में पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने सड़क पर पड़ रही दरारों को अबतक नजर अंदाज किया है।
समयावधि के बाद कैसे हो रहा निर्माण
शासन द्वारा पूर्व तय की तिथि के बाद भी पुनरीक्षित कार्य अवधि की तिथि 30 जून 2019 निर्धारित की थी। लेकिन कंपनी द्वारा इन तिथियों की समाप्ति के बाद भी कार्य जारी रखा गया है। इसमें अनूपपुर नगरीय क्षेत्र में नाला निर्माण के साथ सड़क निर्माण का कार्य शेष है। इन दोनों कार्यो को करने में भी कंपनी को अभी तीन-चार माह का अतिरिक्त समय लगेगा। लेकिन समयावधि के समाप्ति के बाद भी कंपनी किस आधार पर कार्य कर रही है चर्चा का विषय बना हुआ है।

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