ट्रांसपोर्ट कार्यालय खोल कोयला टेंडर और कबाड़ ठेका के नाम कर दी 74 लाख की धोखाधड़ी

ट्रांसपोर्ट कार्यालय खोल कोयला टेंडर और कबाड़ ठेका के नाम कर दी 74 लाख की धोखाधड़ी

Rajan Kumar | Updated: 26 Jul 2019, 04:04:19 PM (IST) Anuppur, Anuppur, Madhya Pradesh, India

दो आरोपी गिरफ्तार एक फरार, महिला के खाते से राशियां का हुआ स्थानांतरण

अनूपपुर। जैतहरी स्थित संचालित हिन्दुस्तान पवार प्लांट (मोजर वेयर) में कोयला सप्लाई व कबाड़ टेंडर दिलाने के नाम लगभग 74 लाख की धोखाधड़ी कर गबन करने के मामले में पुलिस ने शिकायतों के आधार पर दो आरोपियों नारेन्द्र शर्मा एवं सिद्धार्थ सिंह उर्फ राजा भैया को जैतहरी स्थित उसके आवास से २४ जुलाई की शाम गिरफ्तार किया है। जबकि मामले में शामिल एक अन्य आरोपी संतोष सिंह फरार बताया गया है। वहीं प्लांट में मासिक किराया के नाम से लगाए गए जीप को मुख्य आरोपी द्वारा गायब करने का मामला भी सामने आया। तीनों प्रकरणों की विवेचना में अपराध पुष्टि होने पर दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गुरूवार २५ जुलाई को पुलिस अधीक्षक किरणलता केरकेट्टा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैष्णव शर्मा ने प्रेसवार्ता आयोजित कर ७४ लाख की धोखाधड़ी का खुलासा किया। प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुख्य आरोपी नारेन्द्र शर्मा पिता शिवनारायण उर्फ प्रमोद कुमार निवासी ग्राम आसीन जिला भीलवाड़ा राजस्थान हाल मुकाम लालपुर हर्री थाना गौरेला छत्तीसगढ़, सिद्धार्थ सिंह उर्फ राजा भैया व संतोष सिंह दोनों पिता गंगा सिंह निवासी जैतहरी तीनों के खिलाफ कमलेश द्विवेदी पिता स्व. गणेश द्विवेदी निवासी चेतनानगर अनूपपुर के द्वारा वर्ष २०१८ से पुलिस अधीक्षक सहित कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि तीनों आरोपियों द्वारा कपट और बेइमानी पूर्ण ढंग से मोजरबेयर प्लांट में कोयला टेंडर दिलाने एवं सम्बंधित कोयला डम्प कराने में परिवहन खर्च के नाम ५५ लाख ९७ हजार ५३० रूपए की मांग की, जिनमें रागिनी देवी को कोयला ठेकेदार जोगिंदर सिंह की पत्नी बताकर उसके खाते के माध्यम से ३७ लाख ९७ हजार ५३० रूपए एवं नगद ३० लाख रूपए की कूटरचित दस्तावेज के आधार पर धोखाधड़ी करते स्वयं गबन कर लिया। इसमें नारेन्द्र ने सर्वप्रथम जैतहरी में जय अम्बे अर्थमूवर्स ट्रांसपोर्ट कंपनी का कार्यालय खोल मोजबबेयर प्लांट में कोयला एकमात्र सप्लायर होना बताया था। जबकि दूसरे मामले में अशर्फी लाल ने मोजरबेयर प्लांट से आरोपी नारेन्द्र शर्मा द्वारा अपने को स्वयं कोयला ठेकेदार बताते हुए उसे प्लांट में स्क्रेप (कबाड़) का टेंडर दिलाने का लालच देते हुए २६ लाख रूपए की मांग की थी। जिसमें अशर्फी लाल ने नारेन्द्र को २१ लाख रूपए दिया था। बाद में टेंडर नहीं मिलने पर अशर्फी लाल के दवाब पर आरोपी द्वारा ढाई लाख रूपए उसके खाते के माध्यम से वापस कर किए। शेष साढे १८ लाख रूपए का गबन कर लिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुख्य आरोपी के खिलाफ अनूपपुर के अलावा बिलासपुर सहित अन्य स्थानों पर धोखाधड़ी करने के मामले सामने आ रहे हैं। इस पूरे मामल में पुलिस ने विवेचना के दौरान गबन की गई राशि को१८ अलग अलग बैंक खातों के माध्यम से हस्तांतरित करना पाया। इनमें १६ खाते मुख्य आरोपी नारेन्द्र शर्मा के बताए है। शेष २ खाते रागिनी और माधुरी के नाम हंै जिनका उपयोग भी नारेन्द्र शर्मा द्वारा ही किए जाने की पुष्टि हुई है। जिसमें सिद्धार्थ सिंह एवं संतोष सिंह ने गबन की गई राशि का लेन-देन आस्था फिलिंग स्टेशन प्रोवाईडर खाता माध्यम से भी किया है। प्रेसवार्ता के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैष्णव शर्मा ने बताया कि रामलाल केवट निवासी अमगवां द्वारा जैतहरी थाने में आरोपी नारेन्द्र शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें वाहन क्रमांक एमपी ६५ सी २९९९ को २५ हजार प्रतिमाह के हिसाब से वर्ष २०१८ में प्लांट में चलाने के नाम पर आरोपी को दिया गया था, जहां आरोपी द्वारा उसके साथ धोखाधड़ी करते हुए भी उसके वाहन को ही गायब कर दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बॉक्स: बैंक खाते किए सीज
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए आरोपियों के समस्त १८ बैंक खातों को सीज करने की कार्रवाई की है। वहीं आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के दौरान पुलिस ने न्यायलय को आवेदन देते हुए न्यायिक हिरासत में लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से अलग अलग बिन्दूओं पर पूछताछ कर रही है।

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