सहकारी समिति में बेची 8 क्विंटल धान, आजतक नहीं मिला पैसा

साप्ताहिक जनसुनवाई: सचिव ने कहा समिति में नहीं बिकी धान, बैंक का लगा रहे चक्कर

By: Rajan Kumar Gupta

Updated: 30 Dec 2020, 11:42 AM IST

अनूपपुर। साहब! मेरे ३ एकड़ की लगभग ८ क्विंटल धान की फसल सहकारी समिति वेंकटनगर में बेचा था। लेकिन आजतक पैसा नहीं आया है। मेरे सामने कम्प्यूटर पर मेरे नाम से चढ़ाया गया उपार्जित धान बावजूद सचिव कह रहे हैं कि आपका धान सोसायटी में नहीं बिका है। हम परेशान है, बैंक का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समझ में नहंी आता है कि धान समिति में बेचने के बाद भी कहा गया। यह बात साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान उर्मिला त्रिपाठी पति सुरेन्द्र प्रकाश त्रिपाठी ने डिप्टी कलेक्टर से शिकायत करते हुए बताई। उर्मिला त्रिपाठी ने बताया कि मेरा आदमी रामचंद्र पनिका एवं उपसरपंच वेद प्रकाश पांडेय ने ८ क्विंटल धान सहकारी समिति में तौल कर बेचा था। उस समय राजकुमार जायसवाल एवं विनोद कुमार मिश्रा के समक्ष तौला गया। तौलने वाले पूरन पनिका तौलकर सफीक खान एवं प्रमोद श्रीवास्तव सेल्समैन के समक्ष ध्यान सिंह कम्प्यूटर पर अपडेट किया। लेकिन एक माह बाद पैसा नहीं मिलने पर सचिव राज कुमार तिवारी के पास गया तो उसने बताया कि आपका पैसा बैंक में आ गया होगा। बैंक जाकर पता किया तो नहीं आया था। बाद मेेेें फिर पूछने पर कहा कि आपका धान समिति में नहीं बिका है। यह स्थिति पिछले तीन साल से बन रही है। पैसा लगभग एक साल बाद मिल रहा है। जिसके कारण मुझे परेशानी का सामना करना पड़ता है, साथ ही पैसा नहीं मिलने पर खेती प्रभावित होती है।
वहीं स्थगन आदेश के बाद भी निर्माण कार्य बंद नहीं होने परेशान संतोष केवट ने कलेक्टर से शिकायत की। बताया कि ग्राम बकेली की आराजी खसरा नम्बर ८८९/१००८/२ रकबा ०.२८५ हेक्टेयर भूमि मुझ प्रार्थी के पट्टे कब्जे दखल व सीमांकित भूमि है। इस भूमि के जुज रकबा १२ गुना ३०० फीट पर रामभजन गुप्ता केदार नाथ गुप्ता निवासी ग्राम बकेली जबरन कब्जा करने लगा है। मेरे द्वारा नायब तहसीलदार अनूपपुर में स्थगन आदेश ६ नवम्बर को आदेश कराया गया था। जिसकी प्रति राजस्व निरीक्षक एवं हल्का पटवारी तथा थाना प्रभारी को दिया गया। लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहंी होने के कारण कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी गई। लेकिन वहां कब्जेदार द्वारा निर्माण कार्य जारी रखा हुआ है। जानकारी के अनुसार साप्ताहिक जनसुनवाई में १९ आवेदकों ने अपनी समस्या अधिकारियों के समक्ष रखी।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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