आहट: जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी, कोरोना के बढ़ते मरीज से सीएस की बढ़ी मुश्किलें

कोविड सेंटर सहित फीवर क्लीनिक संचालन में होगी परेशानी, जिले में अबतक 2051 मरीज

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 01 Mar 2021, 09:12 AM IST

अनूपपुर। जिले में पिछले तीन दिनों में १० कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने के बाद कोरोना की आहट फिर से गम्भीर हो चली है। पूर्व में एक-दो मरीजों के साथ सप्ताह में किसी दिन शून्य की स्थिति से राहत महसूस की जाती रही है। लेकिन २७ फरवरी को ७६ जांच रिपोर्ट में ४ व्यक्तियों के एक साथ संक्रमण से जिला अस्पताल प्रबंधक की चिंता बढ़ गई है। जिसे लेकर भविष्य की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आने लगी है। महाराष्ट्र, मप्र में मरीजों के बढ़ते तादाद और महाराष्ट्र से सटे प्रदेश के कारण यहां भी कोरोना के आंकड़ों में बढोत्तरी की आशंका व्यक्त की जा रही है। जिला अस्पताल सिविल सर्जन डॉ. एससी राय ने बताया कि वर्तमान में जिले में १३ कोरोना संक्रमित मरीज है। अबतक जिले में २०५१ कोरोना संक्रमित मरीज हो चुके हैं तथा इनमें २०२७ को डिस्चार्ज किया गया है। १४ लोगों की संक्रमण से विभिन्न जिलों में मौत हुई है। फिलहाल कोरोना संक्रमण से राहत है, लेकिन पिछले तीन दिनों में मरीजों की तादाद बढ़ी है इससे चिंता बढ़ गई है। सबसे बड़ी परेशानी मरीजों की तादार अधिक होने पर चिकित्सकों की कमी से उपजेगी। जिसमें वर्तमान जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी व पीएचसी जैसे सेंटरों में भी चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। पिछले कई वर्षो से चिकित्सकों की कमी को लेकर पत्राचार किया जा रहा है, स्वास्थ्य मंत्री भी चिकित्सकों की उपलब्धता को लेकर आश्वासन दिए गए हैं। लेकिन अबतक यहां किसी भी नए चिकित्सक की भर्ती नहीं हुई है, बल्कि एकाध चिकित्सकों का स्थानांतरण अन्य जिले के लिए हो गया और कुछ ने छोड़ दिया है।
बॉक्स: २८ विशेषज्ञों में मात्र २ चिकित्सक, गायनों भी भगवान भरोसे
सीएस डॉ. एससी राय ने बताया कि यहां विभिन्न ८ श्रेणियों में २६ विशेषज्ञों की कमी है। नाक, कान, गला रोग, सर्जिकल, मेडिकल विशेषज्ञ, पैथोलोजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, प्रसूति एवं महिला रोग विशेषज्ञ, क्षय रोग, नेत्र रोग के लिए जिला अस्पताल में स्वीकृत २८ विशेष चिकित्सकों के पदों में मात्र २ चिकित्सक है। २६ विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त है। जबकि सहायक चिकित्सकों (वर्ग -०२) में भी २४ स्वीकृत पदों में मात्र १३ चिकित्सक उपलब्ध, शेष ११ पद रिक्त वर्षो से पड़े हैं। हालात यह बने कि सिर्फ ५ डॉक्टरों के भरोसे पूरा जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं संचालित कराया जा रहा है। जिनसे ओपीडी, इमरजेंसी और रात्रिकालीन सेवाएं ली जा रही है। सीएस के अनुसार इमरजेंसी के लिए ५ चिकित्सकों में वर्तमान में ३ उपलब्ध हैं, २ बीमार हैं। पेड्रियाटिक के लिए ३, तथा गायनो विभाग में १२ चिकित्सकों की जगह २ मेडिकल और २ पीजीएमओ चिकित्सक हैं।
बॉक्स: कितने बने थे कोविड़ व फीवर क्लीनिक
बताया जाता है कि पिछले वर्ष जिला में कन्या शिक्षा परिसर को ३०० बिस्तरों वाला कोविड केयर सेंटर बनाया गया था। इसके अलावा जिला अस्पताल सहित ७ सीएचसी, एक पीएचसी पर फीवर क्लीनिक संचालित किए गए थे। लेकिन इस वर्ष चिकित्सकों की कमी में इतने सेंटर चलाना मुश्किल होगा।
बॉक्स: २९४ स्टाफो में मात्र १२५ कार्यरत
श्रेणी स्वीकृत कार्यरत रिक्त
प्रथम २८ २ २६
द्वितीय २४ १३ ११
तृतीय १९१ ९९ ९२
चतुर्थ ५१ ११ ४०
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कुल २९४ १२५ १६९
वर्सन:
हेल्थ कमिश्नर द्वारा मांगी गई जानकारी में पूरी जानकारियां और चिकित्सकों की मांग रखा गया है। पूर्व मेें भी पत्राचार किया गया था। अगर चिकित्सकों की पूर्ति नहीं होती है तो कोरोना संक्रमण की व्यवस्थाओं में दिक्कतें होगी।
डॉ. एससी राय, सिविल सर्जन जिला अस्पताल अनूपपुर।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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