सामतपुर-हर्री क्षतिग्रस्त पुल निर्माण के लिए राशि स्वीकृत, निर्माण के लिए नहीं मिल रही अनुमति

6.80 करोड़ की लागत से तैयार किया जाना है पुल, जिला मुख्यालय से दर्जनों गांव के लिए सीधा एक मात्र रास्ता

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 27 Jun 2021, 12:24 PM IST

अनूपपुर। जिला मुख्यालय अनूपपुर के सामतपुर से हर्री-बर्री गांव सहित फुनगा तक के दर्जनों गांव को जोडऩे वाली तिपान नदी पर क्षतिग्रस्त हुई ६० मीटर लम्बी पुल के प्रस्तावित निर्माण पर भोपाल से ही ग्रहण लगा हुआ है। निर्माण एजेंसी पुल-सेतु निगम द्वारा निर्माण की जाने वाली पुल के लिए भोपाल से अनुमति नहीं मिल रही है। जिसके कारण पुल के निर्माण के लिए प्रस्तावित ६.८० करोड़ की राशि स्वीकृृत होने के बाद भी पुल का निर्माण अटका पड़ा है। विभागीय जानकारी के अनुसार इसके लिए कई बार विभाग द्वारा भोपाल पत्राचार किया गया है। लेकिन भोपाल से इसके लिए अबतक कोई जवाब नहीं मिले हैं। जिसके कारण पुल-सेतु निर्माण विभाग द्वारा निर्माण कार्य आरम्भ नहीं कराया जा सका है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पुल निर्माण के लिए प्रस्तावित प्राक्क्लन के तहत स्थल का निरीक्षण भी किया जा चुका है। लेकिन अनुमति और टेंडर के अभाव में पुल निर्माण की प्रक्रिया अटकी पड़ी है। विदित हो कि इससे पूर्व ग्रामीणों की मांग और पत्रिका की लगातार खबरों पर प्रदेश खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री और अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल सिंह ने जुलाई माह के दौरान मुख्यमंत्री के अनूपपुर आगमन पर ६.८० करोड़ रूपए की प्रस्तावित मांग के साथ पुल निर्माण की मांग रखी थी। जिसपर सीएम ने पुल की जरूरतों को देखते हुए जल्द राशि आवंटन के आश्वासन दिए थे। जिसके बाद ६.८० करोड़ की चेक शासन द्वारा स्वीकृत कर जारी कर दिया गया। लेकिन पुल निर्माण के विभागीय स्तर पर अनुमति नहीं मिल सकी है। वहीं विभागीय सूत्रों का कहना है कि अब बारिश का सीजन आरम्भ हो गया है, और नदी में जलस्तर भी बढऩे लगे हैं। इस दौरान अगर भोपाल स्तर से स्वीकृति भी मिलती है पुल का निर्माण कार्य फिलहाल आरम्भ नहीं हो सकेगा।
बॉक्स: पुल निगम को करना है निर्माण, जलसंसाधन विभाग ने पूर्व ने खड़े किए थे हाथ
यह पुल वर्ष २००९ में १ करोड़ २७ लाख की लागत से निर्माण कराया गया था। जिसकी लम्बाई लगभग ६० मीटर है, पुल आम व्यक्तियों के लिए वर्ष २०१० में खोला गया था। लेकिन अक्टूबर २०१९ में यह क्षतिग्रस्त होकर बैठ गया। इसके बाद लगातार पुल की बेसमेंट पानी के बहाव में कटता गया और अलग अलग स्थानों पर लगभग १०० फीट पुल का हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर वी सेप में नजर आने लगा। वहीं इस वर्ष के मानसूनी बारिश के कटाव में पुल के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होर धंसकने के अनुमान लगाए जा रहे है। क्योंकि सेफ्टी साइड बॉल भी बेस के साथ दरारों में तब्दील होकर पुल से अलग हो गई है। बताया जाता है कि पूर्व में जलसंसाधन विभाग ने लगभग १० करोड़ की बजट लागत पडऩे की बात कहते हुए निर्माण से हाथ खड़े कर दिए थे। जिसके बाद प्रदेश खाद्य मंत्री के निर्देश पर पुल निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बॉक्स: दर्जनों गांव का सहारा
ुपुल के निर्माण से फिर से दर्जनों गांव से जिला मुख्यालय का सीधा सम्पर्क जुड़ जाएगा। ग्रामीणों को अनूपपुर जिला मुख्यालय आने के लिए ५ किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी होगी। वर्तमान में यह पुल दो स्थानों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर वी सेप में ५-६ फीट नीचे नदी की तल में बैठ गया है। जिसमें दोनों स्थानों पर १०-१२ खम्भों के साथ ४०-४५ फीट के स्लैप टूटकर खम्भो के साथ क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिला मुख्यालय से फुनगा तक शॉटकट होने के कारण हर्री, बर्री, भगताबांध, पसला, बिजौड़ी, चातरहिया, रक्शा, कोलमी, अमगंवा, छुलकारी, फुनगा के ग्रामीणों का सहारा है।
वर्सन:
प्रदेश खाद्य मंत्री के निर्देशन में प्राक्कलन के आधार राशि स्वीकृत हो चुकी है। लेकिन भोपाल स्तर से पुल निर्माण के लिए अनुमति नहीं मिली है, फाइल लगी हुई है। जैसे अनुमति मिलेगी पुल निर्माण कार्य आरम्भ कर दिया जाएगा।
डीके मरकाम, एसडीओ पुल-सेतु निगम शहडोल।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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