scriptAnuppur Pataleshwar Mahadev Mandir Anuppur Pataleshwar Mahadev Temple | Pataleshwar Mahadev Mandir जमीन से 10 फीट नीचे स्थापित है शिवलिंग | Patrika News

Pataleshwar Mahadev Mandir जमीन से 10 फीट नीचे स्थापित है शिवलिंग

- श्रावण में भगवान शिव का अभिषेक करने पहुंची है नर्मदा की धार

अनूपपुर

Published: August 04, 2021 11:54:31 am

अनूपपुर. मैकल की पहाडिय़ों में स्थित अमरकंटक धार्मिक नगरी के रूप में जाना जाता रहा है. मां नर्मदा की उद्गम स्थली के कारण अमरकंटक की विशेष ख्याति है. इसके साथ साथ यह स्थान भगवान शिव की भी तपस्या स्थली रहा है। नर्मदा मंदिर, सोनमूडा, माई की बगिया सहित जालेश्वर धाम के साथ साथ नर्मदा मंदिर से सटे पातालेश्वर शिवलिंग मंदिर से भी लोगों की आस्था जुड़ी है।

Anuppur Pataleshwar Mahadev Mandir Anuppur Pataleshwar Mahadev Temple
Anuppur Pataleshwar Mahadev Mandir Anuppur Pataleshwar Mahadev Temple

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नर्मदा मंदिर पुजारी धनेश द्विवेदी (वंदे महाराज) बताते हैं कि पातालेश्वर महादेव का मंदिर नाम के अनुरूप ही पाताल यानि जमीन के अंदर ही स्थित है। मंदिर का शिवलिंग पृथ्वी की सतह से लगभग 10 फीट की गहराई पर स्थापित किया गया है। मान्यता है कि पातालेश्वर शिवलिंग की जलहरी में प्रतिवर्ष श्रावण माह के एक सोमवार को मां नर्मदा यहां भगवान शिव को अभिषेक कराने पहुंचती हैं। अमरकंटक से ही नर्मदा नदी की उत्पत्ति हुई है।

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अमरकंटक भगवान शिव की तपस्थली भी है और मां नर्मदा को भगवान शिव की पुत्री के रूप में मान्य किया गया है। पुराणों में यह भी उल्लेख है कि भगवान शिव माता पार्वती के साथ यहीं रुके थे। नर्मदा मंदिर से दक्षिण दिशा की ओर लगभग 100 मीटर की दूरी पर कलचुरी कालीन पातालेश्वर महादेव शिव-विष्णु जोहिला कर्ण मंदिर और पंच मठ मंदिरों का समूह है। इन मंदिरों का निर्माण 10-11 वीं शताब्दी में कलचुरी महाराजा नरेश कर्ण देव ने 1041-1073 के दौरान बनवाया था।

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जनश्रुति के अनुसार इस मंदिर की स्थापना आद्य गुरु शंकराचार्य ने की थी। पातालेश्वर महादेव का मंदिर विशिष्ट प्रकार से पंचरथ शैली में बना है। 16 स्तंभों में आधार वाले मंडप सहित यह मंदिर निर्मित किया गया है। भूमिज शैली के पातालेश्वर महादेव मंदिर कई सदी पुराना होने से साधना स्थल के रूप में भी विख्यात है। माना जाता है कि इस शिव मंदिर में शिव साधना फलदायी होती ही है।

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