अपना बाजार: व्यवसाय बढ़ाने ऑफर के साथ घरों तक राशन पहुंचाने अपना रहे तरीका

कोरोना में आर्थिक स्थिति कमजोर, कम आमदनी में ग्राहको को उपलब्ध करा रहे सामान

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 10 Sep 2021, 10:06 PM IST

अनूपपुर। पिछले डेढ़ वर्ष से कोरोना महामारी में उद्योगों की बदहाली और रोजगारों के अवसर कम मिलने के कारण आर्थिक व्यवस्थाएं काफी चरमरा गई है। लोगों की जमा पूंजी परिवार के भरण पोषण, बीमारी के इलाज के साथ अन्य जरूरत की पूर्ति में खर्च हो गई है। पिछले वर्ष लॉकडाउन के कारण खेती भी नहीं हो सकी थी। लेकिन इस वर्ष किसानों के साथ साथ व्यापारियों को भी खेती से आस लगी है। किसानों ने जहां इस वर्ष बेहतर उपज की सम्भावनाएं जताई है, वहीं व्यापारियों ने भी किसानों की उपज पर बाजार की निर्भरता का आंकलन किया है। लेकिन इस दौरान उनके व्यापार प्रभावित नहीं हो, व्यापारियों ने अपनी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और व्यापार बढ़ाने कुछ नवाचार भी किए हैं। हालांकि ये नवाचार उनके लिए ज्यादा फायदेमंद नहीं साबित हो रहे हैं, लेकिन इस नवाचार से खुद के साथ व्यापार को भी उठाने का प्रयास कर रहे हैं। किराना व्यवयासी अमन केशरवानी का कहना है कि व्यापार हमारी प्रभावित न हो, लोगों को अधिक से अधिक सुविधा देते हुए ऑफर का भी तरीका अपनाया है। कोरोना काल के दौरान घरों तक होम डिलेवरी की अपनाई गई रणनीति आज भी ग्राहकों को बांधने अपनाई जा रही है। अधिकांश दुकानदार अपने यहां कर्मचारी रख कर ग्राहकों को अपनी दुकान की ओर आकर्षित कर रहे हैं। यहीं नहीं १००० रूपए से अधिक की खरीदी पर डिस्काउंट व्यवस्था भी अपनाया गया है।
युवा कपड़ा व्यवसायी सूर्यप्रकाश पटेल बताते हैं कि बाजार में पैसे की कमी से पूरे व्यवसासियों की कमर टूट गई है। व्यापारी सामानों को दुकानों में ज्यादा समय रख नहीं सकते, दुकान आए ग्राहकों को जो आ रहा है वहीं सही की तर्ज पर वापस लौटा नहीं सकते। वहीं ग्राहक भी अधिक लागत की खरीदारी से भी पीछे हट रहे हैं। ऐसे में व्यापारियों के एकमात्र व्यवस्था रह गई है कि वे किसी प्रकार ग्राहक को सामान बेचें। सूर्यप्रकाश पटेल का कहना है कि इस सीजन फसल आने से बाजार में फिर से रौनक लौटेगी, इसके लिए वह ग्राहकों के लिए हैप्पर गिफ्ट देने की योजना बना रहे हैं। ताकि कम मार्जिन ही सही, ग्राहकों को उनकी जरूरतों को पूरा किया जा सके।
हार्डवेयर व्यवसायी सुमित गुप्ता बताते हैं कि कोरोना काल में हार्डवेयर व्यवसाय सबसे अधिक प्रभावित हुआ। व्यापारियों के पूंजी बाजारों में फंसी रह गई, ग्राहकों ने भी आज-कल और कोरोना की बात कह लम्बे समय तक पंूजी अपने पास ही रखा। बाजार जब ऑनलॉक हुआ तो बाहर से सामानों की अनुपलब्धता की समस्या बनी। इसमें दोनों तरफ से व्यापार प्रभावित हुआ। अब बाजार पुन: पटरी पर लौट रही है। इसके लिए वह कम आदमनी या मार्जिन पर ग्राहकों को सामान उपलब्ध करा रहे हैं। यहां तक कि खरीदारी में ग्राहक के पास पैसे की कम उपलब्धता पर भी उनके पूरी जरूरत की सामग्री देने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस प्रकार के व्यापार खतरे से कम नहीं, लेकिन व्यवसाय बढ़ाने व्यापारी खतरों को भी मोल ले रहे हैं।
बॉक्स: खरीफ तय करेगी बाजार की रौनक
होटल संचालक रवि शर्मा का कहना है कि पिछले डेढ़ वर्ष से जिस प्रकार से लॉकडाउन के दौरान बाजार बंद हुए। उद्योग धंधों के बाद बेरोजगारी बढ़ी और ग्रामीण स्तर पर छोटे काम उपलब्ध हुए, इससे बाजार पूरी तरह टूट चुका है। किसानों के साथ साथ उपभोक्ताओं के पास पैसे नहीं। खेत से अनाज उपजा नहीं। ऐसे में बाजार में रौनक कहां से आएगी। लेकिन इस वर्ष खरीफ की अच्छी फसल है, इससे बेहतर बाजार का रूख तय होगा।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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