जंगलों के बीच बसा आदिवासी गांव बैगा डेबरा, मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीण

गांव में नहीं बिजली और सडक़ की सुविधा, इलाज के लिए छत्तीसगढ़ की सीमा लांघकर पहुंच रहे बिजुरी

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 11 Jan 2021, 11:41 AM IST

अनूपपुर। कोतमा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत थानगांव में शामिल ग्राम बैगाडेबरा के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। जंगल के बीच बसे गांव के कारण यहां अब तक ना तो बिजली पहुंच पाई है और ना ही सडक़ पहुंच मार्ग ही निर्मित हो पाया है। जिस कारण पगडंडी रास्ते से होकर ग्रामीणों को ग्राम पंचायत तक पहुंचना पड़ता है। सबसे आश्चर्य वनीय क्षेत्रों से घिरे इस पंचायत में बच्चों को उच्च शिक्षा देने शिक्षा व्यवस्था भी नहीं है। यहां के बच्चे प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने दूर पंचायतों में उच्च शिक्षा के लिए रोजाना सफर तय करते हैं। बताया जाता है कि बैगाडेबरा गांव में वर्तमान समय में 35-४० घरों में 200 परिवार से अधिक की आबादी निवासरत है। जिसमें बैगा, गोंड़ तथा भरेवा जाति के लोग शामिल हैं। संरक्षित जनजाति का दर्जा प्राप्त बैगा परिवार यहां ज्याद संख्या में निवासरत है। शासकीय योजनाओं में ऐसे आदिवासी परिवारों को संरक्षित श्रेणी में शामिल कर मूलभूत सुविधाओं के साथ शासकीय विशेष योजनाओं से लाभांवित किए जाना है। लेकिन हकीकत है कि इन परिवारों के लिए अब तक न तो सडक़ पहुंच मार्ग बन पाया है और ना ही बिजली के खंभे अब तक यहां पहुंच पाए हैं। पेयजल व्यवस्था के लिए मात्र एक हैंडपंप यहां गड़े है, लेकिन वह भी आए दिन बिगड़ा रहता है। जिसे बनाने के लिए यहां तकनीकी अमला भी सडक़ पहुंच मार्ग के अभाव में नहीं पहुंच पाता है।
बॉक्स: आपातकालीन सुविधाएं भी नहीं उपलब्ध
स्थानी ग्रामीण गोपाल बैगा ने बताया कि ग्राम पंचायत थानगांव में शामिल होने के बाद भी पंचायत तक पहुंचने के लिए अब तक सडक़ मार्ग नहीं है, जो पगडंडी रास्ता है। उससे सिर्फ पैदल ही चला जा सकता है। अगर ग्रामीणों को तबीयत खराब होने तथा अन्य आपातकालीन स्थिति में अस्पताल तक जाना हो तो उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य के मनेंद्रगढ़ से होते हुए बिजुरी तक पहुंचना पड़ता है। ऐसे में एंबुलेंस तथा जननी एक्सप्रेस एवं 100 डायल वाहन भी यहां नहीं पहुंच पाते हैं।
बॉक्स: जंगलों के बीच बसा गांव इसलिए सुविधाएं प्रदान करने में हो रही परेशानी
ग्राम पंचायत के उपसरपंच रिंकू मिश्रा ने बताया कि बैगाडेबरा गांव जंगलों के बीच बसा हुआ है। जिसके कारण वन भूमि क्षेत्र होने के कारण अब तक विद्युत व्यवस्था के साथ ही सडक़ पहुंच मार्ग की अनुमति नहीं मिल पाई है। वही जिला प्रशासन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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