बिजुरी नगर को मिलेगी कॉलेज भवन की सौगात, टिन शेड और असुविधाओं के बीच नहीं करनी होगी पढाई

सर्वसुविधायुक्त भवन का उच्च शिक्षा मंत्री करेंगे लोकार्पण, विश्व बैंक से 6.50 करोड़ की राशि से हुआ निर्माण

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 12 Jul 2021, 12:08 PM IST

अनूपपुर। पिछले चार सालों से नवीन भवन में पढऩे की इच्छा रखने वाले बिजुरी नगर के विद्यार्थियों को अब नवीन सुविधायुक्त भवन में पढऩे का मौका मिल सकेगा। १२ जुलाई को उच्च शिक्षा विभाग मंत्री द्वारा इस नवीन भवन का लोकापर्ण किया जाएगा। जिसके बाद बिजुरी नगर सहित आसपास के विद्यार्थियों को नवीन कॉलेज भवन की सौगात मिल जाएगी। इस नवीन भवन में कॉलेज संचालन से हजारो विद्यार्र्थियों को टिन शेड और असुविधाओं के बीच शिक्षा नहीं ग्रहण करना होगा। हालांकि यह कॉलेज बिल्डिंग अपने निर्धारित समय से दो साल अधिक विलम्ब से छात्रों को मिलेगी, लेकिन अब छात्रों व प्राध्यपकों को गर्मी, बारिश और ठंड की मौसमी मार का सामना नहीं करना पड़ेगा। बिजुरी महाविद्यालय के नवीन भवन निर्माण के लिए विश्व बैंक से ६.५० करोड़ की राशि स्वीकृत हुई थी। बताया जाता है कि प्रदेश में शिक्षा के निम्न स्तर को देखते हुए उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना में शासन द्वारा वर्ष २०१४-१५ में बिजुरी कॉलेज संचालित कराने घोषणा की गई थी। शासन ने बिजुरी कॉलेज के भवन निर्माण की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को सौंपी। नगरीय क्षेत्र के भगता गांव में लगभग ६ एकड़ की जमीन पर वर्ष २०१७ से द्वितीय तल भवन का निर्माण आरम्भ कराया गया। जिसे २४ फरवरी २०१९ में पूर्ण हो जाना था। लेकिन ठेकेदार की सुस्त गति की कार्य के कारण भवन निर्माण का कार्य दो साल बाद भी पूरा नहीं हो सका था। जानकारी के अनुसार १२ जुलाई को उच्च शिक्षा विभाग मंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह, शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह, कोतमा विधायक सुनील सराफ, जिपं अध्यक्ष रूपमति सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।
बॉक्स: ३४ हजार प्रतिमाह के किराए पर संचालित हुआ था वैकल्पिक कॉलेज व्यवस्था
सीएम शिवराज सिंह की घोषणा के बाद जमीन और भवन के अभाव में टिन शेड वाली भवन को कॉलेज परिसर बनाया गया। यहां कार्यालय सहित ११ कमरे उपलब्ध कराए गए। लेकिन जहां छत की कम उंचाई के कारण पंखे तक नहीं लगे हुए थे। शौचालय के लिए पानी की सुविधा नहीं तक नहीं थी। जिसे बाद में प्राचार्य द्वारा व्यवस्था बनाया गया और छात्रों को सुविधा प्रदान की गई। लेकिन टिन शेड से बच्चों को राहत नहीं मिली। हालंाकि शुरूआती समय निजी स्कूल परिसर होने के कारण मात्र तीन कमरे मे कॉलेज का संचालन किया गया था। जिसमें प्रबंधकों को यह अनुमान था कि भवन के निर्माण कार्य जल्द पूर्ण होने पर वह नए भवन में शिफ्ट हो जाएंगे। लेकिन वर्ष २०१९ में कॉलेज प्रशासन को हैंडओवर होने वाले कॉलेज भवन को ठेकेदार ने हैंडओवर नहीं किया।
बॉक्स: हजारों बच्चों का संवरता है भविष्य
बिजुरी नगरपालिका क्षेत्र सहित आसपास के दर्जनों गांवों के अनुसार बिजुरी कॉलेज में लगभग हजारों की तादाद में विद्यार्थी अपना नामांकन कराते हैं। यहां प्राचार्य के पद रिक्त है। इसके अलावा सहायक प्राध्यापकों के १४ पद और ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारी के १-१ पद स्वीकृत है। संचालनालय द्वारा कुल १७ पद स्वीकृत किए गए है। लेकिन अधिकांश गेस्ट फैकल्टी से कक्षाओं का कोरम पूरा कराया जाता है। फिलहाल नगर सहित जिले के लिए बिजुरी कॉलेज की नवीन भवन सौगात के रूप में मिलेगी।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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