आसमान में छाए काले बादल, बूंदा-बांदी से किसानों को फसल नुकसान की सताने लगी चिंता

खलिहानों में रखी फसलों के नुकसान की आशंका, बर्फवारी के प्रभाव में बदला मौसम का मिजाज

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 21 Nov 2020, 11:36 AM IST

अनूपपुर। उत्तर भारत में हुई बर्फवारी के प्रभाव में २० नवम्बर को जिले के भी मौसम के मिजाज में तब्दीली आ गई है। हल्की हवाओं के साथ सुबह से आसमान पर काले बादल छाए रहे। जबकि अहले सुबह वातावरण में हल्का कोहरा का भी प्रभाव दिखा। लेकिन दोपहर अचानक आसमान से चंद मिनटों के लिए बूंदा बांदी हो गई। जिसके बाद मौसम में और अधिक ठंडक बढ़ गई। वहीं बारिश की बूंदों खेतों में धान की हो रही कटाई रूक गई। जबकि खलिहानों में कटकर आई फसल की तैयारी भी प्रभावित हो गया। दिनभर आसमान में काले बादल छाए रहे और सूर्यदेव का दर्शन नहीं हुआ। वहीं बारिश की आंशकाओं से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर खींच गई है। किसानों का कहना है कि बारिश से धान की कटाई रूक जाएगी और खलिहानों में तैयारी के लिए रखी फसल बर्बाद हो जाएगी। वहीं जिन किसानों ने धान की कटाई कर रबी की बुवाई की है अगर अधिक बारिश होती है तो उनकी भी फसल को नुकसान पहुंचेगा। कृषि विभाग उपसंचालक एनडी गुप्ता का कहना है कि आज हल्की बूंदाबांदी हुई है, इससे फसलों को नुकसान नहीं होगा, रबी के लिए गेहूं की बुवाई वालो किसानों को फायदा होगा। अगर तेज बारिश भी होती है तो गेहूं को नुकसान नहंी, बल्कि खलिहानों में गहाई के लिए रखी धान की फसल प्रभावित होगी। उसे तैयार करने में किसानों को अधिक समय लगेगा और नीचे की फसल के दाने भी प्रभावित हो सकते हैं। मौसम में ज्यादा बारिश की सम्भावना नहीं दिख रही है। विदित हो कि इस वर्ष १ लाख ७५ हजार हेक्टेयर रकबे में खरीफ की बुवाई हुई थी।
बॉक्स: मौसम में बढ़ा ठंड का प्रभाव
बर्फवारी के सम्पर्क से आने वाली पश्चिमी हवाओं के कारण अब मौसम में भी ठंड का प्रभाव अधिक बढ़ गया है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान २६ डिग्री तथा न्यूनतम १२ डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। जो गुरूवार से अधिकतम में ३ और न्यूनतम में २ डिग्री कम है।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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