सीएम शिवराज बोले नर्मदा में मिल रही मैला और अन्य गंदगी, वृृक्षों की कटाई से प्रभावित हुई जलधारा

मां से मांगने के साथ हम भी कुछ दें, समाज और सरकार को नर्मदा की कल-कल धारा बचाने लेना होगा संकल्प

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 20 Feb 2021, 11:31 AM IST

अनूपपुर। नर्मदा मैया मप्र की जीवन रेखा है। मप्र मेें समृद्धि है तो नर्मदा की कृपा से है। उनकी पवित्र जल धारा हमारी न केवल प्यास बुझाता है, बल्कि खेतों में सिंचाई कर किसानों को समृद्धि देता है। नर्मदा की इसी असीम कृपा से मप्र प्रदेश आगे बढ़ रहा है। ये बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीन दिवसीय अमरकंटक नर्मदा जंयती महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित नर्मदा पूजन कार्यक्रम के उपरांत कही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नर्मदा की बदहाली को भी सांझा किया। उन्होंने कहा हम हमेशा कहते हैं कि हम रेवा मां के बालक है। भैया हमें दूध पिलावत है। लेकिन रेखा नदी में आज मैला जल के साथ साथ अनेक प्रकार की गंदगी मिल रही है। इसके लिए हम दोषी है। वृक्षों की कटाई से नर्मदा तट किनारे वृक्ष कम हो गए है। इससे नर्मदा मां की जलधारा प्रभावित हुई है। नदी की जलधारा सूखी है। इसके लिए प्रदेश लोगों से आह्वान करता हूं कि सभी मिलकर सरकार के साथ सहयोग करें। सरकार नर्मदा में मिल रही गंदगी को बचाने टींटमेंट प्लांट स्थापित कर रही है। समाज और सरकार मिलकर नर्मदा माता में कल-कल जल बहता रहे इसका संकल्प लेकर कार्य करें। नया पेड़ लगाए, वृक्षों की कटाई न करें। अमरकंटक को भी सीमित जल का केन्द्र न बनने दें। अमरकंटक में कंक्रीट निर्माण पर रोक लगाना होगा और अधिक वृक्षारोपण करने पर जोर देना होगा। साल वृक्ष की अधिक कटाई के कारण जलधारा सूख रही है। यह वृक्ष बारिश के दौरान वर्षा की जल को संग्रहित कर बाद में बूंद बूंद कर छोड़ती थी, इससे नर्मदा में अधिक जल रहता था। अमरकंटक क्षेत्र में बाक्साइड भी बना रहे, क्योंकि यह वॉटर रिचार्ज का कार्य करता है। विदित हो कि अपने दो दिवसीय प्रवास में १८ फरवरी को सपत्निक साधन सिंह के साथ शिवराज सिंह चौहान अमरकंटक पहुंचे थे, जहां १९ फवरी को पूजा अर्चना करने के उपरांत दोपहर को रवाना हो गए।

Rajan Kumar Gupta Desk
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