कोरोना से महामुकाबला: लॉकडाउन में टमाटर की खेती से रोजाना 10 हजार का व्यापार, दर्जनों मजदूरों को मिल रहा रोजगार

सरकारी अनुदान से टमाटर की खेती से किसान के परिवार का हो रहा परिवरिश

By: Rajan Kumar Gupta

Updated: 03 May 2021, 12:32 PM IST

अनूपपुर। कोरोना महामारी में जब उद्योगधंधों के साथ स्थानीय व्यापार प्रभावित हुआ तो खेती ही ग्रामीणों के लिए जीने का एक मात्र साधन सामने बनकर आया। पूर्व में भी कोरोना संकट के दौरान परदेस से वापस लौटे युवाओं व बेरोजगार ग्रामीणों के लिए खेती ने परिवार का परिवरिश किया था। इसी तरह इस वर्ष भी मझौले युवा किसान महादेव के लिए कोरोना संकट में टमाटर की खेती उसके परिवार का सहारा बना है। प्राकृतिक विपदा का संकट और सरकारी अनुदानी संसाधन उसके परिवार के लिए रक्षा कवच बन गया है। लॉकडाउन में महादेव टमाटर के उत्पादन से खुद के परिवार के साथ खेत में काम करने वाले मजदूरों के परिवार की भी जीविका चला रहे हैं। वह टमाटर की बिक्री से 10 हजार रुपए रोज कमा रहे हैं। बताया जाता है कि पैरीचुआ गांव में रहने वाले 34 वर्षीय किसान महादेव केवट पहले ग्राम पंचायत में मेट का काम किया करता था। लेकिन बाद में खेती की ओर रूख किया। उद्यानिकी विभाग से अनुदान पर उपलब्ध कराए गए योजना का लाभ लेते हुए महादेव ने पहली बार टमाटर की फसल की। ढाई एकड़ खेत में टमाटर की जबरदस्त पैदावार हुई। डेढ़ लाख रुपए से ज्यादा का शुद्ध मुनाफा कमाया। वह अपने खेत में 10 लोगों को काम भी दे रहे हैं।
बॉक्स: जिले के साथ छग के किसान खरीद रहे टमाटर
टमाटर की फसल को खेत में वर्ष भर लिया जा सकता है। कोतमा, बिजुरी, राजनगर एवं छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ के व्यापारी खेत से ही टमाटर ले जाते हैं। सहायक संचालक उद्यानिकी वीडी नायर ने बताया कि आजकल सब्जियों खासकर टमाटर की मांग अधिक है। सरकार भी इस दिशा में किसानों को प्रोत्साहित करती है। ड्रिप इरिगेशन पद्धति यहां टमाटर उत्पादन के लिए काफी असरकारक है।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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