जिले में मंडराया सूखे का बादल, प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा में अनूपपुर पहले

जिले में मंडराया सूखे का बादल, प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा में अनूपपुर पहले

Amaresh Singh | Updated: 29 Jul 2019, 05:30:28 PM (IST) Anuppur, Anuppur, Madhya Pradesh, India

डेढ़ माह बाद भी मात्र 387 मिमी बारिश, औसत सामान्य वर्षा से 77 मिमी कम बर्षा

अनूपपुर। मानसून के आगमन के साथ प्रदेश में लगभग 90 प्रतिशत से अधिक सामान्य वर्षा के लगाए जा रहे कयास में अब अनूपपुर जिले में सूखे के बादल मंडराने लगे हैं। प्रदेश स्तर पर मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट में प्रदेश के सात जिलों को सामान्य से अधिक और 30 जिलों को सामान्य वर्षा की सूची में शामिल किया गया है। जबकि 14 जिलों को सामान्य से कम वर्षा वाला क्षेत्र घोषित किया है। इनमें अनूपपुर जिला सामान्य से कम वर्षा वाले स्थानों में प्रथम है। जिले में मानसून सत्र के दौरान पिछले डेढ़ माह में मात्र 387 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड दर्ज की गई, जो जिले के सामान्य औसत वर्षा से 77 मिमी कम है। यहीं नहीं इस वर्ष की मानसून की गिरी बारिश पिछले वर्ष की तुलना में भी 37.5 मिमी कम बारिश है। जबकि पिछले वर्ष 2018 में 15 जून से 27 जुलाई के बीच लगभग 424.9 मिमी बारिश का रिकार्ड दर्ज किया गया था। लेकिन इस वर्ष 15 जून से आरम्भ मानसूनी सत्र में अबतक मात्र 387.4 मिमी बर्षा रिकार्ड दर्ज हो सकी है। जबकि जिले में सामान्य औसत वर्षा 1306 मिमी है। मानसून की कम हुई बारिश के कारण जिले के तमाम नदियों खासकर नर्मदा, सोन, तिपान, चंदास, जोहिला, केवई, चंदास, अलान सहित अन्य में पानी का अभाव बना हुआ है। जिले के चार विकासखंडों में तीन विकासखंड अनूपपुर, जैतहरी, कोतमा में अब भी जलस्तर उपर नहंी उठा है। पानी के अभाव में इन तीनों विकासखंड में खरीफ की बोवनी भी प्रभावित हुई है।

अब तक जिले में 55 फीसदी बोवनी
कृषि विभाग की माने तो अबतक जिले में मात्र 50-55 फीसदी अनुमानित रकबे में बोवनी सम्भव हो सकी है। इसका मुख्य कारण अनूपपुर, जैतहरी और कोतमा विकासखंडों में पिछले 7 जुलाई से 25 जुलाई के बीच बारिश का नहीं होना बताया जाता है। अधीक्षक भू-अभिलेख विभाग शशिशंकर मिश्रा का कहना है कि जिले में अबतक सामान्य वर्षा के रिकार्ड के अनुसार 464.6 मिमी बर्षा हो जाना चाहिए था। लेकिन जिले में अबतक मात्र 387.4 मिमी बर्षा दर्ज की गई। जबकि पिछले वर्ष 2018 में सामान्य से कम बारिश के रिकार्ड में 27 जुलाई तक हुई बारिश का आंकड़ा 424.9 मिमी हुआ है। लेकिन इस वर्ष यह स्थिति पिछले साल की तुलना में भी अबतक कम बरसी है। इनमें हालांकि पिछले तीनों से रोजाना कुछ समय के लिए बारिश की बौछार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में गिर रही है। लेकिन वर्षा रिकार्ड के अनुसार यह बौछार खरीफ फसलों के लिए अपर्याप्त है। वहीं बीच-बीच तेज गर्मी के साथ निकलने वाली धूप जमीन की नमी को सुखाते हुए फसलों को प्रभावित कर रही है। जिले में इस वर्ष वैंकटनगर, बिजुरी तथा जैतहरी सबसे कम वर्षामापी केन्द्र के रूप में सामने आए हैं। अगर ऐसे ही बारिश के हालात बने तो अनूपपुर जिला सूखा क्षेत्र सम्भावित हो सकता है।


कहां कितना रकबे पर खरीफ की फसल
जिले में इस वर्ष 1.75 लाख हेक्टेयर खरीफ की बुवाई का लक्ष्य रखा है। धान के लिए 115.20 हजार हेक्टेयर, ज्वार 200 हेक्टेयर, मक्का13.95 हजार हेक्टेयर, कोदो कुटकी 15 हजार हेक्टेयर, दलहन फसलो में अरहर 9.95 हजार हेक्टेयर, मूंग 0.80 हजार हेक्टेयर, उड़द 4 हजार हेक्टेयर तथा तिलहन की फसलों में मूंगफली 1 हजार हेक्टेयर, तिल 2 हजार हेक्टेयर, सोयाबीन 5 हजार हेक्टेयर, रामतिल 8 हजार हेक्टेयर सहित कुल 175.56 हेक्टेयर भूमि में बोनी का लक्ष्य रखा गया है।

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