कोरोना सैम्पल जांच की जिम्मेदारी से मुक्त दीनदयाल चलित मेडिकल वाहन

गांव गांव संक्रमण फैलने के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने लिया फैसला

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 14 Jul 2020, 06:02 AM IST

अनूपपुर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली दीनदयाल चलित मेडिकल यूनिट वाहन को अब कोरोना संक्रमित क्षेत्रों में सैम्पल की जांच की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इससे संक्रमण के फैलाव के खतरे को भांपते हुए फैसला लिया है। जिसके बाद अब पूर्व की भांति दीनदयाल चलित मेडिकल यूनिट वाहन का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य बीमारियों की जांच पड़ताल में किया जा सकेगा। इसके साथ ही इनमें कार्यरत मेडिकल टीम को भी दोहरे काम से राहत मिल सकेगी। इससे पूर्व स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने वाले व्यक्तियों के क्षेत्र में सैम्पल जांच की जिम्मेदारी इस मेडिकल यूनिट को दी गई थी। जिसमें स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों द्वारा यूनिट के कर्मचारियों की सुरक्षा की अनदेखी कर दी थी, जिसमें वाहन में कार्यरत डॉक्टर, लैब तकनीशियन, एएनएम और चालक को संक्रमण से बचाव में न पीपीई किट, मास्क, सेनेटाइजर, गलव्स सहित अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए थे। यहां तक कर्मचारियों की भविष्य सुरक्षा की भी अनदेखी करते हुए बिना बीमा उन्हें कोरोना संक्रमण जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जबकि नियमानुसार कोरोना संक्रमण में कार्य करने वाले सभी स्टाफों का बीमा अनिवार्य किया गया है। विदित हो कि अनूपपुर जिले के चारो विकासखंड अनूपपुर, जैतहरी, कोतमा और पुष्पराजगढ़ में जिगित्सा हेल्थ केयर लिमिटेड के अधीनस्थ चार वाहन संचालित कराई गई है।
बॉक्स: क्या है दीनदयाल चलित स्वास्थ्य यूनिट का काम
जिले के 282 ग्राम पंचायतों के ऐसे क्षेत्र जहां स्वास्थ्य सेंटर की दूरी अधिक है और परिवहन की सुविधा है के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय चलित स्वास्थ्य वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिसमें अनूपपुर, कोतमा, जैतहरी और पुष्पराजगढ़ विकासखंड में एक-एक वाहन संचालित है। जो प्रतिदिन अलग अलग गांवों में शिविर के माध्यम से ग्रामीणों का इलाज करना, गम्भीर मामले होने पर स्थानीय स्वास्थ्य केन्द्र के लिए सलाह देना, प्रसव पीडि़त महिलाओं प्राथमिक जांच और सलाह सहित अन्य सामान्य बीमारियों का उपचार शामिल है।
वर्सन:
भोपाल के निर्देशानुसार इस वाहन का उपयोग कोरोना संक्रमित क्षेत्रों में सैम्पल जांच के लिए नहीं किया जा सकता है। आवश्यकता पडऩे पर कोरोना टीम के साथ सैम्पल परिवहन कर सुरक्षित पहुंचाया जा सकता है। ऐसे में गांवों तक संक्रमण फैल सकते हैं।
सत्येन्द्र कुमार बिंशाडे, समन्वयक जेएचकेएल अनूपपुर।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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