जुर्माना से बचने वाहन चालकों में फास्टैग में रुचि, दो दिनों में 65 फीसदी बने कार्ड

फास्टैग की अनिवार्यता: ग्रामीण क्षेत्रो में अब भी जानकारी का अभाव

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 17 Feb 2021, 09:33 PM IST

अनूपपुर। नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के अधीनस्थ हाइवे सड़क पर वाहनों की गति बनाए रखने और टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम के लिए अब फास्टैग अनिर्वाय कर दिया गया है। जिसमें पूर्व की भांति ही वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर वाहनों की पासिंग एवज में राशि का भुगतान किया जाना है। लेकिन अब भुगतान की राशि फास्टैग के स्क्रीनिंग से किया गया है। इस व्यवस्था में चालक और टोल प्लाजा काउंटर ऑपरेटर को खुल्ले पैसे और भुगतान में लगने वाले अधिक समय से बचाने के लिए किया गया है। 15 फरवरी से इसकी अनिवार्यता में मंगलवार को ज़िले के पथरोड़ी टोल प्लाजा पर पहले की भांति वाहनों की आवाजाही तेजी से हुई। यहां से गुजरने वाले वाहनों में अधिकांश वाहन चालकों ने फास्टैग का उपयोग किया। काउंटर पर पहुंचने वाली वाहनों का स्क्रीनिंग जे द्वारा निकासी की गई। हालांकि कुछ वाहन बिना फास्टैग के भी पहुंचे। लेकिन आसपास पीटीएम और आईसीआईसीआई बैंक की स्टोल से कार्ड बनाकर आगे रवाना हुए। टोल प्लाजा के कर्मचारी विपुल शुक्ला ने बताया कि 15 फरवरी से फास्टैग के अनिवार्य किए जाने से टोल प्लाजा पर काम और आसान हो गया है। वाहन के आने पर मुश्किल से कुछ सेकेंड में स्क्रीनिंग करने पर बैरियल ऑटोमैटिक खुल जाता है और चालक बिना किसी झंझट आगे बढ़ जाता है।
बॉक्स: 2 दिनों में 65 फीसदी कार्ड
विपुल शुक्ला ने बताया कि पिछले दो दिनों में 65 फीसदी वाहनों ने अपना कार्ड दिखाकर वाहन गुजरा है। जिन वाहन चालकों ने नहीं बनाया था, वे पॉश मशीन से बैंक काउंटर पर कार्ड बनवा रहे है। यानि जुर्माने जे लिए दो गुनी राशि नहीं देना है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था में स्थानीय ग्रामीण वाहन ऑपरेटर है, जिनको इनकी जानकारी नहीं थी, लेकिन अन्य वाहन को देख वे भी बनवा रहे है। शुरुआत है, कुछ दिनों में सामान्य व्यवस्था बन जाएगी।
बॉक्स: चिल्लर की झंझट से छुट्टी
फास्टैग कार्ड से काउंटर ऑपरेटर और चालको जे बीच बनने वाली विवाद, भुगतान जे दौरान लंबी जाम, अधिक समय खर्च सहित अन्य परेशानियों से निजात मिल गई है। हालांकि जिन फास्टैग के स्क्रीनिग में सर्वर में समस्या आने पर वाहनों को रोका नही जा सकता। ऐसे वाहनों को काउंटर से निकासी जे आदेश है।

Rajan Kumar Gupta Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned