सूखे की चिंता: आसमान से टपकी चंद बारिश की बूंदे, शाम को काले बादल हुए गायब

सूखे की चिंता: आसमान से टपकी चंद बारिश की बूंदे, शाम को काले बादल हुए गायब

Shiv Mangal Singh | Publish: Oct, 13 2018 07:44:26 PM (IST) Anuppur, Madhya Pradesh, India

सूखे की चिंता: आसमान से टपकी चंद बारिश की बूंदे, शाम को काले बादल हुए गायब

नहीं बूझी सूखी धरती की प्यास, परिपक्व हो रही खरीफ फसलों पर सुखे की चिंता
अनूपपुर। तितली चक्रवात के दबाव में जिले में शुक्रवार को आसमान पर छाए काले बादलो की जमघट दोपहर चंद बूंदों के गिरने के बाद अचानक छंट गए। सुबह से मंडरा रहे काले बादलों के साथ नमीदार हवाओं में बारिश के आसार बन रहे थे, लेकिन शाम होते-होते आसमान से काले बादलों की चादर पूरी तरह साफ हो गया। बादलों के छंटते ही बारिश की साम्भावनाएं भी लगभग खत्म हो गई। वहीं किसानों के चेहरे पर सुबह से बनी हर्ष की लकीरें फिर से चिंताओं में खींच गई है। जानकारों का मानना है कि वर्तमान में खरीफ की फसले परिपक्व अवस्था में जहां बारिश की बूंदे इनके दानों को पुष्ट करने के साथ साथ खेतों में नमी भी बनाएगी। यही नमी खरीफ की कटाई के बाद रबी की बुवाई में सहायक बनेगी। लेकिन पिछले एक माह से बारिश के एक भी कतरा नहीं गिरने से खेतों में नमी के अभाव में दरार पड़ गई है। जिसके कारण खरीफ की खड़ी पौध में फल के अपुष्ठ होने की आशंका बनी हुई है। विदित हो कि वर्ष २०१८ के लिए जिले में एक लाख ७९ हजार हेक्टेयर रकबे पर खरीफ फसल की बुवाई की गई है। सितम्बर माह के शुरूआत में एकाध दिनों हुई बूंदाबांदी के उपरांत बारिश की झमाझम खेतों की फसलों को अबतक नसीब नहीं हुआ है। जहां पानी की नमी के कारण खेतों में लगी खरीफ की फसलें पीली पडऩे लगी है। खासकर धान का खेत मानों पीला रोग लग गया हो। खेतों में दरार पडऩे लगी है। किसानों का कहना है कि शुरूआती बारिश की मार से बचकर निकले तो अब तैयार फसल नमी के अभाव में सूखने के कगार पर पहुंच गई है। किसानों के अनुसार अक्टूबर माह में धूप बैशाख माह के सामान गर्माहट लिए धरती पर पड़ रही है। खेतों में गायब नमी के कारण दरान दिखने लगा है और फसल पीले पडऩे लगे हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में खरीफ फसल की बुवाई में अनाज की फसलो में धान के लिए १ लाख २० हजार हेक्टेयर, ज्वार २०० हेक्टेयर, मक्का१४ हजार हेक्टेयर, दलहन फसलो में अरहर १० हजार हेक्टेयर, मूंग १ हजार हेक्टेयर, उड़द ४ हजार हेक्टेयर तथा तिलहन की फसलों में मूंगफली १ हजार हेक्टेयर, तिल १ हजार ५०० हेक्टेयर, सोयाबीन ६ हजार हेक्टेयर, रामतिल ८ हजार ५०० हेक्टेयर में बोनी किया गया है।
बॉक्स: सिंचाई में बिजली बनी बाधा:
एक ओर जहां खेतों में बारिश और नमी के अभाव में दरार पडऩे लगी है, वहीं अनूपपुर उपकेन्द्र सहित अन्य उपकेन्द्रों में बिजली सुधार का कार्य होने से बिजली की अघोषित कटौती बनी हुई है। जिसके कारण किसानों के खेतों में पानी के लगे मोटर पम्प सूखे पड़े हैं। अधिक समय तक बिजली की कटौती से खेतों को पानी नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि अगर बिजली के यही हालात बने रहे तो मोटर पम्प के बावजूद खेतों की फसल पानी के अभाव में सूखे जाएंगे। वहीं बिजली विभाग का कहना है कि यह स्थिति दो माह तक बनी रहेगी।
बॉक्स:
24 घंटे में जिलें में 1.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज
अधीक्षक भू-अभिलेख अनूपपुर के अनुसार जिले में बीते 24 घंटे में 1.2 औसत वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान वर्षामापी केन्द्र बिजुरी 9.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।

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