15 किमी दूर परीक्षा केन्द्र, नाराज विद्यार्थियों ने कलेक्ट्रेट बरामदे पर बैठकर जताया विरोध

कक्षा 10वीं व 12 वीं की वार्षिक परीक्षा खांटी स्कूल की बजाय बिलासपुर बना है केन्द्र, पूर्व में भी बच्चों ने जताई थी नाराजगी।

By: Rajan Kumar Gupta

Updated: 05 Mar 2021, 11:57 AM IST

अनूपपुर। पुष्पराजगढ़ विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल खांटी के आधा सैकड़ा छात्रों ने अपने स्कूल से १५ किलोमीटर दूर बिलासपुर स्थित स्कूल में वार्षिक परीक्षा के लिए बनाए गए केन्द्र के विरोध में अपनी नाराजगी जताते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। जहां परिसर के बरामदे पर बैठकर घंटो शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं का कहना था कि विभागीय स्तर पर बार बार हमारी १०-१२वीं कक्षा के वार्षिक परीक्षा केन्द्र दूर दराज बिलासपुर गांव स्थित स्कूल में बनाई जा रही है। जो वर्तमान स्कूल से १५-१६ किलोमीटर दूर हैं। इसके अलावा गांवों से विद्यार्थियों के लिए यह परीक्षा केन्द्र लगभग २०-२२ किलोमीटर दूर पड़ता है। ऐसे में सुबह ८ बजे से आयोजित होने वाले परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। जबकि यहां परिवहन सम्बंधित कोई सार्वजनिक सुविधा नहीं है। परिवहन सुविधा के अभाव में परीक्षा केन्द्र पर परीक्षार्थी विलम्ब से पहुंचते हैं, जिनसे उनका परीक्षा प्रभावित होता है। वहीं इस लम्बी दूरी परीक्षा केन्द्र के मध्य एक सुनसान पहाड़ भी है, जिससे गुजरने के दौरान हमेशा दुर्घटना का आशंका बनी रहती है। हालंाकि हम पुष्पराजगढ़ के सुदूर क्षेत्रीय ग्राम मिरिया गुगव, हर्रई, मोहंदी, कुम्हरवार, राजेन्द्रग्राम, पड़रिया, करोंदाटोला से सम्बंधित हैं, ऐसे में छात्रों बिलासपुर परीक्षा के लिए 22से 25 किलोमीटर तय करना मुश्किल भरा है। जबकि इन ग्रामों से खांटी स्कूल बहुत ही नजदीक है, जहां आसानी से पैदल भी परीक्षा केन्द्र पहुंचा जा सकता है। इसके पूर्व में 10-12 वीं की परीक्षा खांटी स्कूल में ही होती थी। वर्तमान में कक्षा 10 वी में लगभग 150 एवं 12 वी में 90 विधार्थी है।
बॉक्स: आवास भत्ता सहित अन्य की मांग में छात्रों का दूसरा दिन भी हड़ताल जारी
शासकीय महाविद्यालय पुष्पराजगढ़ के छात्र-छात्राओं द्वारा आवास भत्ता सहित अन्य मांगों को लेकर ३ मार्च से आरम्भ किया गया अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरूवार को दूसरे दिन भी जारी है। छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर कक्षाओं का बहिष्कार कर कॉलेज प्रवेश गेट पर धरना में बैठे हैं। हालंाकि इस दौरान उन्होंने कोई ज्ञापन किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को नहीं सौंपा है। जबकि ३ मार्च को उनके विरोध प्रदर्शन पर सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग पीएन चतुर्वेदी ने कॉलेज पहुंचकर विद्यार्थियों को मनाने का प्रयास किया था और कुछ दिनों में आवास भत्ता के भुगतान के आश्वासन दिए थे। लेकिन छात्र-छात्राएं जबतक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने की दी गई चेतावनी में डटे हैं। छात्र-छात्राएं अपनी 5 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं। जिनमेें वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक का आवासीय भत्ता, कॉलेज में शिक्षकों की कमी, प्रयोगशाला कक्ष एवं अध्ययन कक्ष की व्यवस्था नहीं सहित अन्य मांग हैं।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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