खाद्यान्न घोटाला: एफआइआर के लिए लिखा पत्र, एक दूसरे के पाले में डाल रहे गेंद

छह करोड़ के चावल हेरफेर के मामले में कार्रवाई अटकी, ईओडब्ल्यू के पास जाने की आशंका

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 10 Sep 2020, 06:00 AM IST

अनूपपुर। सजहा वेयरहाउस से २३ हजार क्विंटल चावल लगभग ६.४ करोड़ की चोरी के मामले में एमडी भोपाल के दिए निर्देश के चार माह बाद भी दोषियों के खिलाफ एफआईआर का मामला अटका पड़ा है। एमडी के लिख पत्र के बाद कार्रवाई को लेकर विभागीय अधिकारी व पुलिस एक दूसरे के पाले में गेंद डाल रहें हैं। जिसके कारण छह करोड़ के चावल के हेरफेर के मामले में दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। वहीं हाल के दिनों में प्रदेशभर में खाद्यान्नों को लेकर आई गड़बडिय़ों में मामला ईओडब्ल्यू जाने के बाद अब अनूपपुर के इस प्रकरण के भी ईओडब्ल्यू के पास जाने की आशंका जताई जा रही है। मामले को लेकर
अनूपपुर कोतवाली में दिए गए एफआईआर के आवेदन में पुलिस ने मूल दस्तावेजों की कमी बताई है। पुलिस ने अन्य मूल दस्तावेजों के साथ आरएम सतना को उपस्थित होने को कहा है। हालंाकि २० दिन पूर्व आरएम सतना ने पुलिस अधीक्षक को कुछ दस्तावेज सौंपे थे। लेकिन कार्रवाई को उलझाने और दस्तावेज की मांग की जा रही है। आरएम सतना का कहना है कि १५ दिनों में मूल दस्तावेज पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को सौंप दिया जाएगा, और एफआईआर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। क्षेत्रीय प्रबंधक सतना रवि सिंह ने बताया कि वेयरहाउस अनूपपुर, सतना सहित अन्य स्थानों से दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं। इस कार्य मेें १५ दिन का समय लगेगा। दरअसल २६ मई को प्रबंध संचालक भोपाल अभिजीत अग्रवाल ने वसूली और कार्रवाई को लेकर जारी निर्देश के साथ राज्य शासन की ओर से जारी पांच अन्य पत्रों दिनांक २६ सितम्बर २०१९, प्रबंधक संचालक भोपाल से ६ दिसम्बर २०१९, २७ जनवरी २०२०, ७ फरवरी २०२० तथा १२ मार्च २०२० का हवाला देते हुए आजतक सम्बंधित दोषियों के विरूद्ध कोई भी कार्रवाई नहीं किए जाने की बात और ना ही इस सम्बंध में कॉर्पोरेशन मुख्यालय को अवगत कराने की बात कही है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष २०१६-१७ के दौरान सजहा वेयरहाउस से लगभग २३ हजार क्विंटल चावल चोरी हो गई थी। जिसकी भोपाल टीम द्वारा की गई जांच पड़ताल में यह बात सामने आई कि अनूपपुर में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर २२५७३.१२ क्विंटल चावल खुर्दबुर्द किया गया है। इसमें शासन को ६ करोड़ ४ लाख ८ हजार ८२६ रूपए की आर्थिक क्षति हुई है। जिसे लेकर एससीएससी (मप्र स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल) प्रबंध संचालक अभिजीत अग्रवाल ने सतना आरएम रवि सिंह को पत्र लिखते हुए आर्थिक क्षति की राशि ६ करोड़ ४ लाख ८ हजार ८२६ रूपए वसूली केन्द्र प्रभारी रज्जू कोल, तथा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन शाखा प्रबंधक वायपी त्रिपाठी तथा सम्बंधित मिलर्स से करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रबंध संचालक ने केन्द्र प्रभारी रज्जू कोल तथा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के शाखा प्रबंधक वायपी त्रिपाठी और सम्बंधित मिलर्स के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने तथा उन्हें सेवा से पृथक किए जाने के लिए नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने निर्देशित किया था।
बॉक्स: मिलिंग की कभी नहीं हुई मॉनीटरिंग:
बताया जाता है कि वर्ष २०१६-१७ के दौरान धान की हुई उपज के उपरांत चावल के लिए मिलर्स को आवंटन दिए गए। जिसमें मिलर्र्स ने विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत में औने पौने कागजों पर धान का उठाव किया। लेकिन उठाए गए धान के बदले चावल की खेप को गोदामों तक नहीं पहुंचाया। इसे लेकर कभी विभागीय अधिकारी भी मॉनीटरिंग नहीं की। जबकि प्रावधानों के अनुसार जिला कलेक्टर सहित जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी(जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक) ने कभी मिलों का निरीक्षण नहीं किया और ना ही गोदामों तक पहुंचने वाले चावल की खेपों का मिलान किया। यहीं नहीं विभाग ने मिलिंग और ट्रांसपोटिंग का भी पूरा भुगतान कर दिया था।
वर्सन:
२० दिन पूर्व पुलिस अधीक्षक को कुछ मूल दस्तावेज सौंपे हैं। औ मूलदस्तावेजों की मांग की गई है। सम्बंधित स्थानों से दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं। १५ दिनों में पुलिस को सौंप दिए जाएंगे।
रवि सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक एससीएससी सतना।
----------------------------------------------

Rajan Kumar Gupta Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned