पति की लम्बी आयु की कामना लिए महिलाओं ने वट वृक्ष का किया पूजन

पूजा करने का उद्देश्य पति की लम्बी आयु के साथ परिवारिक समृद्धि की कामना होती है

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 11 Jun 2021, 01:05 PM IST

अनूपपुर। १० जून ज्येष्ठ माह की अमावस्या को वट सावित्री का व्रत मनाया गया। जिसमें सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्षों की पूजा अर्चना कर सत्यवान-सावित्री कथा अनुसार पति की लम्बी आयु की कामना लिए ईष्टदेव से सदा-सुहागन का आशीर्वाद मांगा। सुबह से ही महिलाओं ने निर्जला व्रत करते हुए मुख्य बरगद वृक्षों के तनों में अक्षय सूत्र के १०८ परिक्रमा लगाते हुए कामना के सूत्र बांधे। इस विधि में हर फेरे में महिलाओं ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए ईष्टदेव से मन्नते मांगी। इस दौरान महिलाओं ने जड़ों में फल-फूल चढ़ाकर हवन-धूप भी किया। इसी तरह पसान, कोतमा, जैतहरी, बिजुरी, पसान में भी अमावस्या पर सुबह से ही सुहागिन महिलाओं द्वारा मंदिरो एंव बरगद वृक्षों की परिक्रमा के साथ पूजा पाठ किया गया। व्रत के मौके पर पीपल, तुलसी सहित अन्य दूसरे वृक्षों में भी 108 फेरी लगाने के बाद मंदिर में पूजा अर्चना की गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा करने का उद्देश्य पति की लम्बी आयु के साथ परिवारिक समृद्धि की कामना होती है। यह पर्व भी कारवा चौथ के सामान माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सावित्री ने अपने वट वृक्ष के नीचे मृत हुए पति सत्यवान के प्राण यमराज के हाथों से वापस लौटाने में सफलता पाई थी। वट सावित्री के पूजन के दौरान यह कथा भी महिलाओं को सुनाई जाती है।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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